"मालिक एक ही है, बाकी सब..." निशांत कुमार की 'ना' पर अनंत सिंह ने बता दिया कौन चलाएगा बिहार?
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा है कि बिहार की नई सरकार के असली 'मालिक' नीतीश कुमार ही रहेंगे। निशांत कुमार द्वारा पद ठुकराने पर उन्होंने कहा कि उन्हें विरासत संभालनी चाहिए थी। साथ ही, उन्होंने शराबबंदी को विफल बताते हुए इसे फिर से शुरू करने की मांग की, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके।

Bihar News: बिहार की सियासत में चेहरे बदल गए हैं, लेकिन क्या सत्ता का केंद्र भी बदल गया है? इस सवाल का जवाब मोकामा विधायक अनंत सिंह ने बेहद दोटूक अंदाज में दिया है। मीडिया से बात करते हुए अनंत सिंह ने स्पष्ट कहा कि भले ही नीतीश कुमार राज्यसभा चले गए हों और दिल्ली में हों, लेकिन बिहार के "असली मालिक" वही हैं। उनके अनुसार, नई सरकार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन और उनके विजन पर ही आगे बढ़ेगी।
"नीतीश कुमार कहीं नहीं गए, दिल्ली विदेश में नहीं है"
मुख्यमंत्री पद पर सम्राट चौधरी की ताजपोशी के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा, "नीतीश कुमार कहीं नहीं गए हैं। दिल्ली कोई विदेश में नहीं है कि वे दूर हो गए। वे भले ही राज्यसभा चले गए हैं, लेकिन मालिक वही रहेंगे। उन्होंने उन लोगों को काम सौंपा है जो बेहतर काम करने वाले हैं। सरकार उन्हीं के दिशा-निर्देशों पर चलेगी और इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए।" अनंत सिंह का यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश है जिसमें कहा जा रहा था कि भाजपा के मुख्यमंत्री बनने से नीतीश का प्रभाव कम होगा।
निशांत कुमार की 'जिद' पर बोले अनंत सिंह
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार द्वारा जिम्मेदारी ठुकराने के सवाल पर अनंत सिंह ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि निशांत को बड़ी जिम्मेदारी (डिप्टी सीएम या एमएलसी) मिल रही थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। अनंत सिंह ने कहा, “निशांत का कहना है कि वे पहले मेहनत करेंगे, फिर कुछ बनेंगे। बहुत लोगों ने उन्हें समझाया पर वे नहीं माने।” जब उनसे पूछा गया कि क्या निशांत अपने दम पर कुछ बनना चाहते हैं, तो अनंत सिंह ने अपने ठेठ अंदाज में कहा, "अपने दम पर क्या करेंगे? यह तो पागलपन ही होगा। उन्हें तो पार्टी में रहकर सबके साथ मिलकर चलना चाहिए था। अगर वे सबकी बात मानते और नीतीश कुमार की सीट संभालते, तो वह ज्यादा बढ़िया होता।" उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी व्यक्तिगत रूप से निशांत से कोई बात नहीं हुई है और वे उन्हें जानते भी नहीं हैं।
शराबबंदी पर फिर उठाए सवाल
अनंत सिंह ने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी खत्म करने की अपनी पुरानी मांग को दोहराया। उन्होंने तर्क दिया कि शराबबंदी के कारण राज्य में 'सूखा नशा' (स्मैक और अन्य ड्रग्स) का चलन बढ़ गया है। उन्होंने कहा, "शराब बंद होनी चाहिए थी, लेकिन अगर अब यह खुल जाए तो ज्यादा ठीक होगा। छोटे-छोटे बच्चे सूखे नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं और स्मैकियर बन रहे हैं। इसे रोकना है तो विचार करना होगा।




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