लड़की को जबरन खींच ले गए और दिन भर किया रेप, परिजनों को गांव से निकलने नहीं दिया; बिहार में हैवानियत
कुछ ही दूर जाने के बाद चार युवक उसे जबरन खींचकर अपने घर ले गये। जिस घर में पीड़िता को ले जाया गया उस घर का नामजद युवक उसके साथ लगातार दिनभर रेप करता रहा। इससे उसकी हालत काफी नाजुक हो गई। देर शाम को परिजनों को घटना की जानकारी मिली थी।

बिहार में नाबालिग लड़की से हैवानियत का मामला सामने आया है। दरभंगा जिले के बेनीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में गत 21 जुलाई को नाबालिग लड़की के साथ रेप किया गया। आरोपित ने उसे दिनभर अपने पास रखा। स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने उसे पहले बेनीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से देर रात उसे डीएमसीएच रेफर किया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है। इस मामले में पीड़िता की मां ने महिला थाने में चार युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पीड़िता की मां की ओर से थाने में दिये गए बयान के अनुसार गत 13 जुलाई को पीड़िता स्कूल के लिए घर से निकली थी।
कुछ ही दूर जाने के बाद चार युवक उसे जबरन खींचकर अपने घर ले गये। जिस घर में पीड़िता को ले जाया गया उस घर का नामजद युवक उसके साथ लगातार दिनभर रेप करता रहा। इससे उसकी हालत काफी नाजुक हो गई। देर शाम को जब उन्हें घटना की जानकारी मिली तो वे अपने परिजनों के साथ उसके घर गई, लेकिन उन्होंने लड़की को नहीं छोड़ा। काफी मशक्कत से उसे वहां से निकाला गया। आरोपित दूसरे समुदाय के बताये जा रहे हैं।
पीड़िता के परिजनों के अनुसार अभियुक्त के परिजन लगातार डरा-धमका रहे थे व उन्हें गांव से बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। पीड़िता की लगातार बिगड़ रही स्थिति को देख उन्होंने गत 20 जुलाई की शाम को किसी तरह उसे बेनीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से देर रात को उसे रेफर किए जाने पर वे उसे लेकर डीएमसीएच पहुंचे। इसके बाद बेंता थाने के माध्यम से महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
इधर, मामला दर्ज होते ही गत सोमवार की देर शाम महिला थानाध्यक्ष आरती कुमारी, बेनीपुर व बिरौल एसडीपीओ आशुतोष कुमार और प्रभाकर तिवारी तथा स्थानीय थानाध्यक्ष विनय मिश्रा पीड़िता के घर अनुसंधान करने पहुंचे। वहां परिजनों एवं अन्य लोगों से घटना के संबंध में जानकारी लेते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। इसमें पिछले करीब तीन वर्षों से पीड़िता का अपने ही गांव के अभियुक्त युवक से संबंध का मामला उजागर हुआ। घटना के दिन देर शाम को कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रियता के बाद पीड़िता को वहां से निकालकर सामाजिक स्तर से मामले को खत्म करने की कोशिश की जाने लगी।
दोषी नहीं बचेंगे - पुलिस
बाद में पीड़िता का स्वास्थ्य बिगड़ते रहने और कोई उचित पहल नहीं देख परिजन कानून की शरण में पहुंचे। इस संबंध में थानाध्यक्ष विनय मिश्रा ने कहा कि घटना की कोई जानकारी उन्हें पहले से नहीं थी। महिला थाना, दरभंगा में मामला दर्ज होने के बाद उन्हें जानकारी मिली तो वे चौंक गए। अनुसंधान के अनुसार मामला प्रेम प्रसंग का है। हालांकि पीड़िता के नाबालिग होने के कारण पॉस्को एक्ट के तहत ही कानूनी कार्रवाई होगी। तीन अन्य नामजद युवकों की इसमें क्या भूमिका थी, इसकी जांच चल रही है। दोषी बच नहीं पाएंगे।
इधर एसडीपीओ आशुतोष कुमार ने बेनीपुर में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पीड़िता की मां के बयान पर महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। अनुसंधान में यह तथ्य उभरकर सामने आया है कि पीड़िता अपने ही गांव के एक लड़के के साथ संबंध में थी। सूचना मिलने के बाद बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की। बयान में आये तथ्यों के मद्देनजर अन्य लड़कों की संलिप्तता के बिंदु पर साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है।




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