योगी आदित्यनाथ की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाला मौलाना बिहार से अरेस्ट, जनसुराज से जुड़ा था
Yogi Adityanath News: जोकीहाट के पथराबाड़ी गांव के रहने वाले रिटायर्ड मदरसा शिक्षक मो. कमरुल होदा के तीन बेटों में सबसे बड़े अब्दुल्ला सालिम ने दारूल उलूम देवबंद से इस्लामिक शिक्षा पूरी की है और संस्कृत व्याकरण भी पढ़ा है। उसने चारों वेदों की पढ़ाई भी की, लिहाजा उन्हें चतुर्वेदी का उपाधि दी गई।

Yogi Adityanath News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले मौलाना को यूपी एसटीएफ टीम सोमवार को पूर्णिया जिले के अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर से पकड़कर उससे गोरखपुर में पूछताछ कर रही है। मौलाना अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी कासमी मूल रूप से अररिया जिले के जोकीहाट थाना क्षेत्र के पथराबाड़ी गांव का रहने वाला है। यूपी एसटीएफ की टीम विवादित बयान देने वाले मौलाना को साथ लेकर गोरखपुर चली गई।
रमजान के महीने में मौलाना अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। बताया जा रहा है कि उसने बिहार में ही आयोजित एक धार्मिक जलसे में उत्तर प्रदेश में गोकशी के खिलाफ लागू सख्त कानूनों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री की वृद्ध माता के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। इसके बाद से मौलाना के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज हुई थी। यूपी सहित कई राज्यों में लोगों ने सड़क पर उतरकर मौलाना की गिफ्तारी की मांग की थी।
इधर, अररिया के जोकीहाट थानेदार राजीव कुमार झा ने मौलाना अब्दुल्ला सालिम चतुर्वेदी के एसटीएफ द्वारा ले जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश एसटीएफ टीम बिहार पुलिस की मदद से पूर्णिया जिला के अमौर थाना क्षेत्र के दलमालपुर से गोरखपुर ले जाकर उससे पूछताछ कर रही है। हालांकि पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत ने इस संबंध में बताया कि पूर्णिया पुलिस को गिरफ्तारी के बारे में कोई सूचना नहीं है।
कुरान के साथ गीता-रामायण का भी तकरीरों में करता है जिक्र
जोकीहाट के पथराबाड़ी गांव के रहने वाले रिटायर्ड मदरसा शिक्षक मो. कमरुल होदा के तीन बेटों में सबसे बड़े अब्दुल्ला सालिम ने दारूल उलूम देवबंद से इस्लामिक शिक्षा पूरी की है और संस्कृत व्याकरण भी पढ़ा है। उसने चारों वेदों की पढ़ाई भी की, लिहाजा उन्हें चतुर्वेदी का उपाधि दी गई। मौलाना अब्दुल्ला का पूरा नाम अब्दुल्ला सालिम कमर चतुर्वेदी कासमी है। वह प्रखर इस्लामिक वक्ता है और बिहार की राजनीति में भी सक्रिय रहा है।
सालिम अपनी तकरीरों में कुरान के साथ गीता और रामायण का भी जिक्र करता है। राजनीतिक तौर पर मौलाना अब्दुल्ला सालिम पहले ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम से जुड़ा था। हालांकि वर्ष 2025 में जोकीहाट विधानसभा से टिकट नहीं मिलने पर पार्टी छोड़ दी और फिर वह प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़ा और विस चुनाव में जोकीहाट से नामांकन भी दाखिल किया था, लेकिन नामांकन पत्र खारिज हो गया था।




साइन इन