48 घंटे के अंदर LPG की जमाखोरी रिपोर्ट दें, बिहार में सचिव और आयुक्तों को मिला फरमान
LPG Crisis: इस भ्रमण के दौरान वे मुख्य रूप से रसोई गैस सिलेंडर के स्टॉक की उपलब्धता, बैकलॉग में आई कमी, प्रतिदिन आयोजित होने वाली प्रेस वार्ता, नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली और प्रवासी मजदूरों के आगमन की स्थिति का बारीकी से अनुश्रवण करें।
LPG Crisis: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने रसोई गैस संकट को लेकर सभी जिलों के प्रभारी सचिवों और प्रमंडलीय आयुक्तों को 48 घंटे के अंदर अपने जिलों में जमीन पर जाकर जांच करने का टास्क सौंपा है। जमाखोरी, कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी निर्देश दिया। उन्होंने राज्य के सीमावर्ती जिलों में विशेष चौकसी बरतने को भी कहा है। इस भ्रमण के दौरान वे मुख्य रूप से रसोई गैस सिलेंडर के स्टॉक की उपलब्धता, बैकलॉग में आई कमी, प्रतिदिन आयोजित होने वाली प्रेस वार्ता, नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली और प्रवासी मजदूरों के आगमन की स्थिति का बारीकी से अनुश्रवण करें। मुख्य सचिव ने प्रवासी श्रमिकों के लिए हेल्पलाइन जारी करने का निर्देश दिया।
वे सोमवार को 13 विभागों के साथ क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक कर रहे थे। लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक सहित कृषि, स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सहकारिता, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, ऊर्जा, परिवहन तथा आपदा प्रबंधन विभागों के प्रधान सचिव, सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित थे। जिलों के प्रभारी सचिव, जिलाधिकारी, एसपी और प्रमंडलीय आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। इसके अतिरिक्त, प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधि भी थे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस समूह का नोडल विभाग नामित किया गया है। क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक अब प्रत्येक सोमवार को करने का निर्देश दिया।
पीएनजी कनेक्शन की सुस्ती पर भी सीएस भड़के
मुख्य सचिव ने 14 जिलों में पीएनजी कार्य की प्रगति शून्य होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इन जिलों के जिलाधिकारियों और एसपी को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। पीएनजी कनेक्शन लगाने के लिए पूरे बिहार को 14 भौगोलिक क्षेत्रों में बांटा गया है। मुख्य सचिव ने संबंधित एजेंसियों को मानव संसाधन, मशीनरी और ठेकेदारों की पर्याप्त संख्या का आकलन कर उनकी अविलंब उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके पहले खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव ने बताया कि वर्तमान में व्यावसायिक मांग का 60 प्रतिशत पूरा किया जा रहा है। पूरे बिहार में पीएनजी कनेक्शन के लिए 368783 घरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें 230939 घर कनेक्शन के लिए तैयार हैं और 31458 घर चार्जिंग के लिए तैयार हैं।
खास निर्देश क्या:
- श्रम संसाधन विभाग को प्रवासी श्रमिकों के लिए हेल्पलाइन जारी करने का निर्देश दिया गया ताकि इस नंबर से मध्य पूर्व या देश के अन्य राज्यों से वापस आ रहे बिहारी श्रमिकों को सरकारी सहायता के बारे में जानकारी आसानी से प्रदान की जा सके। जिलाधिकारियों को भी अपने जिलों में आ रहे प्रवासी मजदूरों का सटीक डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
- सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन तीन बजे प्रेस वार्ता आयोजित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया ताकि जनता तक सटीक और प्रामाणिक जानकारी पहुंचाई जा सके और भय का माहौल न बने। जिलाधिकारी स्वयं नियंत्रण कक्ष औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण हो तथा लंबित शिकायतों की संख्या में निरंतर गिरावट आए
14 जिलों में एलपीजी के अधिक बैकलॉग पर नाराजगी
सिलेंडर की आपूर्ति में आ रहे बैकलॉग की समीक्षा की गई। पश्चिम चंपारण, भोजपुर, गया, दरभंगा, नालंदा, रोहतास, मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, जहानाबाद और जमुई जिलों में अधिक बैकलॉग पर मुख्य सचिव ने वहां के डीएम और एसपी को इसे अविलंब कम करने के सख्त निर्देश दिये। सभी एसपी को समय-समय पर पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण और डीजल और पेट्रोल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से लगातार जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दीदी की रसोई एवं सभी सरकारी छात्रावासों में एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो।




साइन इन