इक्का-दुक्का पीता भी है तो घर में चादर ओढ़कर सोता है; जेडीयू नेता भी कबूलने लगे शराबबंदी का सच
जेडीयू महासचिव मनीष वर्मा ने बिहार में शराबबंदी का वो सच कबूला है, जो सत्तारूढ़ नेता कम बोलते हैं। उन्होंने कहा कि यदि इक्का-दुक्का पीता भी है तो घर में चुपचाप चादर ओढ़कर सोता है। विपक्षी दल इसे फेल बताते हैं और होम डिलीवरी का आरोप लगाते हैं।

बिहार में नौ साल पहले पूर्ण शराबबंदी लागू करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय महासचिव मनीष वर्मा ने कहा है कि अगर कोई शराब पीता भी है तो सड़क पर नहीं निकलता बल्कि चुपचाप अपने घर में सोता है। बिहार में शराबबंदी के बाद भी हर जिला, हर शहर और हर गांव में दोगुने और तिगुने दाम पर शराब की अवैध बिक्री चलने को लेकर तेजस्वी यादव से लेकर प्रशांत किशोर तक होम डिलीवरी का आरोप लगाते रहते हैं। अनुमान है कि शराबबंदी से बिहार को 40 से 50 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है, जिसका बड़ा हिस्सा नेता, पुलिस, अफसर और शराब माफिया अवैध बिक्री से उड़ा रहे हैं।
मधुबनी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनीष वर्मा ने जन सुराज पार्टी की सरकार बनने पर एक घंटे में शराबबंदी हटाने के ऐलान को लेकर प्रशांत किशोर पर तीखे हमले बोले आरोप सवालिया लहजे में आरोप लगाया कि शराब ठेका वालों से पैसा लेकर चुनाव प्रचार चल रहा है।
कितना पैसा लिए हो शराब वालों से, वही पैसा बहा रहे हो; प्रशांत किशोर से पूछने लगे जेडीयू के मनीष वर्मा
आईएएएस अफसर से नेता बने मनीष वर्मा ने शराबबंदी के बावजूद शराब मिलने की बात को आंशिक तौर पर कबूलते हुए कहा- “आज मैं कह देना चाहता हूं कि शराब यदि इक्का-दुक्का पीता भी है तो किसी की हिम्मत नहीं है कि वो सड़क पर बाहर शराब पीकर निकल जाए। घर में चुपचाप चादर ओढ़कर सोता है। उसको डर है कि कहीं किसी ने सूचना दे दी तो पुलिस कान पकड़कर उसको सीधा हाजत में बंद कर देगी। ये हर व्यक्ति को डर है। और तुम इसको खत्म करना चाहते हो। क्या है तुम्हारी मंशा, क्या चाहते हो। ये भाड़े का सब लोग लाकर लोकतंत्र का अपहरण करना चाहते हो। लोकतंत्र भाड़े पर चलेगा, पैसे पर चलेगा।”
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उन्होंने इससे पहले प्रशांत किशोर का बिना नाम लिए कहा- “एक पीला रंग का पोस्टर लगाकर गांधी जी का चरखा लगाकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। ऐसा लगता है कि दुनिया का सारा ज्ञान इस व्यक्ति में छिपा है। बाकी जितने भी नेता हैं, प्रधानमंत्री, नीतीश कुमार, सब अज्ञानी हैं। इतना बड़ा ज्ञानी, अकेला व्यक्ति सबको चुनौती दे रहा है। वो भी वही हिटलर का बात है। एक झूठ को बार-बार बोलो कि लोग विश्वास कर ले। यहां जब सब कुछ है- बिजली है, शांति है, शिक्षा है तो किस बदलाव की बात कर रहे हो तुम। तुममें बदलाव की आवश्यकता है। तुम गांधी का पोस्टर लगाकर यहां शराब की नदी बहाना चाहते हो। शराबबंदी को खत्म करना चाहते हो।”
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नीतीश के बहुत करीबी माने जाने मनीष वर्मा ने कहा- “पहचानिए इस दगाबाज को। गांधी जी ने कहा था कि अगर मुझे एक घंटे के लिए भी तानाशाह बना दिया जाए भारत का, तो सबसे पहला काम, यहां शराबबंदी लागू कर दूंगा और जितनी भी शराब की दुकानें हैं, बिना मुआवजे बंद कर दूंगा। ये गांधी जी ने कहा था। और ये व्यक्ति कहता है, मैं आऊंगा तो एक घंटे में शराब की नदी खोल दूंगा।”
मनीष वर्मा ने प्रशांत किशोर का नाम लिए बिना सवालिया लहजे में आरोप लगाया और कहा- “क्या बात है। क्यों इतनी हड़बड़ी है। कितना पैसा लिए हो शराब ठेका वालों से। क्या उसी से अपना कैंपेन चला रहे हो। यही शराब का पैसा यहां बहा रहे हो। क्या बात है। यही चाहते हो। जितने भी बच्चे हैं, पति हैं, पिता हैं, सब शराब के नशे में डूब जाएं। बिहार को बर्बाद कर देना चाहते हो।”




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