वाह रे बिहार पुलिस! शराबबंदी केस में मैकेनिक को भेजा जेल, सीसीटीवी ने खोल दी पोल; अब डीजीपी खबर लेंगे
वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस जीप से शराब की बोतल वाला झोला निकालकर आरोपी की बाइक में लटकाया जाता है और गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेज दिया जाता है।

बिहार के मुजफ्फरपुर पुलिस का बेहद शर्मनाक चेहरा सीसीटीवी कैमरे से उजागर हुआ है। जिले की मनियारी थाना पुलिस पर एक युवक को शराब का फर्जी केस बनाकर जेल भेजने का मामला उजागर हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाज डीआईजी चंदन कुमार कुशवाहा के आदेश पर ग्रामीण एसपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मनियारी के रतनौली गांव निवासी टीवी-फ्रिज मैकेनिक संजीव कुमार को जेल भेजने में सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इससे मनियारी थाने की पुलिस का खेल सामने आया है। पूर्व से धराए संजीव की बाइक पर शराब का झोला रखते हुए मनियारी थाने की पुलिस फुटेज में दिख रही है। कोर्ट ने आरोपी को बेल दे दिया है।
संजीव ने पटना में डीजीपी के जनता दरबार में शिकायत की। उसने आवेदन के साथ सीसीटीवी फुटेज भी सौंपा है। ग्रामीण एसपी ने डीएसपी पश्चिमी-2 एनिमेश चंद्र ज्ञानी को मामले की जांच का निर्देश दिया गया है। लाइव हिंदुस्तान इस वायरल सीसीटीवी फुटेज की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। मनियारी थाना के तत्कालीन दारोगा जयशंकर यादव ने बीते 21 जून को संजीव को गिरफ्तार किया था।
ऐसे बनाया केस
दारोगा ने संजीव पर दर्ज एफआईआर में कहा कि वह रात्रि गश्त पर थे। इस क्रम में रात करीब 10 बजे अमरख गांव में शिव मंदिर के पास वाहन जांच के दौरान जमहरुआ गांव की ओर से एक बाइक सवार आया जो पुलिस को देखकर भागने लगा। खदेड़कर उसे पकड़ा गया। बाइक सवार व्यक्ति ने अपना नाम संजीव कुमार और पता रतनौली गांव बताया। भागने का कारण पूछा तो उसने कबूल किया कि उसके पास शराब है। उसकी बाइक की हैंडल में दाहिनी ओर झोला में एक बोतल स्प्रिट मिली। सिपाही लंबोदर कुमार व महिला सिपाही प्रीति कुमारी को स्वतंत्र साक्षी बना शराब की जब्ती सूची बनाई गई।
21 जून को किया था गिरफ्तार
इधर, संजीव ने आरोप लगाया कि उसे रतनौली गांव से थानेदार ने पकड़ा और अन्य पुलिस कर्मियों ने बाइक में शराब का झोला लटकाकर झूठा केस बनाकर फंसाया है। मनियारी थानेदार देवब्रत कुमार ने बताया कि आरोपित को तत्कालीन दारोगा जयशंकर यादव ने बीते 21 जून की रात शराब के साथ गिरफ्तार किया था। दारोगा के आवेदन के आधार पर मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। बताया कि संजीव को उन्होंने गिरफ्तार नहीं किया था।
सीसीटीवी फुटेज में दिख रही हकीकत
अमरख गांव में सीसीटीवी लगे घर के ठीक सामने 21 जून की देर रात मनियारी थाने की बोलेरो आकर पोल के पास रुकते हुए फुटेज में दिखती है। उसके पीछे बाइक से दो लोग आते हैं। कुछ देर के बाद बोलेरो से कुछ पुलिस कर्मी उतरते हैं। काला गमछे वाला चौकीदार एक झोला बोलेरो से निकाल कर लाता है और उसे बाइक की हैंडल से लटका देता है। उसके बाद आरोपित संजीव को बाइक के पास लाकर खड़ा किया जाता है। इसके बाद एक दारोगा बोलेरो से उतरकर बाइक के सामने आता है। इस तरह बाइक की तलाशी में झोले से शराब बरामद की जाती है। वहीं शराब के साथ फोटो खींच कर पुलिस उसके खिलाफ शराब का फर्जी केस बना देती है।




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