रामनवमी के दिन छपरा में बड़ा हादसा, 3 बच्चों की दर्दनाक मौत; 1 भाई को बचाने में डूबीं 2 बहनें
पप्पू महतो का 10 वर्षीय पुत्र गुंजन कुमार पानी पीने के लिए छाड़न के किनारे गया। पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। 12 वर्षीया बड़ी बहन रजनी कुमारी उसे बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन वह भी संतुलन खो बैठी दोनों को बचाने के प्रयास में उनकी मौसी की बेटी भी डूब गई।

आज वासंती नवरात्र की महानवमी तिथि है। पूरे देश में मां सिद्धिदात्री की आराधना के साथ भगवान का जन्मोत्सव रामनवमी मनाया जा रहा है। इस बीच सारण जिले के छपरा से दर्दनाक हादसे की खबर आई है। शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। तीनों मृतक भाई-बहन थे। हादसा घाघरा नदी से कटकर बने छाड़न (पानी भरे गड्ढे) में हुई, जहां सात लोग रोज की तरह जलावन की लकड़ी काटने नदी पार गए थे। मांझी थाना क्षेत्र के मटियार गांव की है। त्योहारी मौसम में इस हादसे से गांव में मातम पसर गया है। पुलिस तीनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर कार्रवाई में जुट गई है।
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, मटियार निवासी पप्पू महतो का 10 वर्षीय पुत्र गुंजन कुमार पानी पीने के लिए छाड़न के किनारे गया। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। गुंजन को डूबता देख उसकी 12 वर्षीया बड़ी बहन रजनी कुमारी उसे बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन वह भी संतुलन खो बैठी और पानी में समा गई। दोनों को बचाने के प्रयास में उनकी मौसी की पुत्री, बनियापुर थाना क्षेत्र के पैगम्बरपुर निवासी कृष्णा महतो की 13 वर्षीया पुत्री प्रियांशू कुमारी भी छाड़न में उतर गई, जिससे वह भी डूब गई। एक के बाद एक करके तीन बच्चों की मौत हो गई।
घटना के समय मौके पर मौजूद दो अन्य किशोरों ने भी बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। हालांकि वे दोनों किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों बच्चों के शव को काफी मशक्कत के बाद पानी से बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस की ओर से अंचलाधिकारी को फोन पर घटना की जानकारी दी गई।
इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के इंतजाम और ऐसे खतरनाक छाड़नों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिजनों के लिए सरकार से मुआवजे की मांग की है। पुलिस पदाधिकारी ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।




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