मैथिली समेत महिला भाजपा नेत्रियों ने पप्पू यादव के खिलाफ खोला मोर्चा; ‘कमरे में जाने’ वाले बयान पर बवाल
पप्पू यादव ने कहा था कि नेताओं के कमरे में जाए बगैर 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति नहीं कर सकती हैं। इस बयान पर अब वे घिरते हुए नजर आ रहे हैं। भाजपा की महिला नेत्रियों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के महिलाओं को लेकर दिए गए एक बयान पर सियासी बवाल जारी है। भारतीय जनता पार्टी की महिला नेत्रियों ने बुधवार को पप्पू यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बिहार की पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, मशहूर लोक गायिका एवं विधायक मैथिली ठाकुर समेत अन्य महिला नेत्रियों ने पूर्णिया सांसद के बयान पर आपत्ति जताई और उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की। पप्पू यादव ने कहा था कि नेताओं के कमरे में जाए बिना 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति में नहीं आ सकती हैं।
पटना स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में महिला नेत्रियों ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान अलीनगर सीट से भाजपा की युवा विधायक मैथिली ठाकुर ने पप्पू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं ने संघर्ष के बल पर समाज में अपनी जगह बनाई है। अगर कोई व्यक्ति किसी विशेष प्रोफेशन को निशाना बनाकर ऐसी अपमानजनक टिप्पणी करता है, तो सोचिए महिलाओं और उनके परिवार वालों पर क्या गुजरती है। लोकगायिका मैथिली ने कहा कि एक पल के लिए उन्होंने भी सोचा कि उनके माता-पिता अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर क्या सोच रहे होंगे।
श्रेयसी बोलीं- हमारा खून खौल रहा
वहीं, पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि पप्पू यादव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, "सांसद के बयान से हम लोगों का खून खौल रहा है, पर भाजपा के कार्यकर्ता शब्दों की मर्यादा जानते हैं। मैं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से पूछना चाहती हूं, जो पप्पू यादव को संरक्षण देते हैं, वे बताएं कि क्या वे उनके साथ हैं।"
श्रेयसी सिंह ने कहा कि निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को कांग्रेस का संरक्षण मिल रहा है। ऐसे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को स्पष्ट करना चाहिए कि वे इस तरह की भाषा का समर्थन करते हैं, या विरोध। उन्होंने कहा कि जब पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन राज्यसभा और लोकसभा दोनों की सदस्य रह चुकी हैं, तब वह ऐसी टिप्पणी कैसे कर सकते हैं।
इस मौके पर भाजपा विधायक संगीता कुमारी, एमएलसी अनामिका सिंह पटेल और प्रदेश प्रवक्ता अनामिका पासवान भी मौजूद रहीं। संगीता कुमारी ने कहा कि ऐसी दुष्ट मानसिकता उस देश में शोभा नहीं देती जहां महिलाओं की सदियों से पूजा होती रही है। बिहार समेत देश की महिलाओं ने संगीत, खेल, शासन और अन्य सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं। फिर कोई ऐसी अपमानजनक टिप्पणी करने का साहस कैसे कर सकता है?
महिला आयोग ने भी पप्पू यादव को भेजा है नोटिस
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में महिलाओं से अत्याचार का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि महिलाओं का शोषण करने में राजनेता सबसे आगे हैं। 90 प्रतिशत महिलाएं बिना किसी नेता के कमरे में जाए राजनीति नहीं कर सकती हैं। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो गया। इसके बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने संज्ञान लिया और मंगलवार को उन्हें नोटिस भेजकर 3 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)




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