सम्राट सरकार में बिहपुर का जलवा, सियासी दुश्मन अब साथ में मंत्री; गिद्धौर से भी दो मिनिस्टर
Samrat Choudhary Cabinet Expansion: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कैबिनेट विस्तार में 15 साल से एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे कुमार शैलेन्द्र (पथ निर्माण मंत्री) और बुलो मंडल (ऊर्जा मंत्री) को शामिल किया गया है। पहली बार नवगछिया के दोनों विधायक मंत्री बने हैं।

Samrat Choudhary Cabinet Expansion: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार ने राजनीति की एक बेहद पुरानी कहावत को सच साबित कर दिया है कि 'सियासत में कोई भी स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता'। गुरुवार को हुए कैबिनेट विस्तार की सबसे चर्चित और खास बात यह रही कि पिछले 15 सालों तक एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे भागलपुर के दो कद्दावर नेता अब एक ही सरकार में मंत्री बन गए हैं। नवगछिया अनुमंडल के तहत आने वाले इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र और शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल अब साथ मिलकर बिहार सरकार में अहम जिम्मेदारियां संभालेंगे।
बिहपुर सीट पर रही है 15 साल की सियासी अदावत
बुलो मंडल और कुमार शैलेन्द्र के बीच सियासी टक्कर का एक लंबा और रोचक इतिहास रहा है। दोनों का मुख्य चुनावी अखाड़ा बिहपुर विधानसभा क्षेत्र रहा। वर्ष 2000 और 2005 (फरवरी व अक्टूबर) के विधानसभा चुनावों में राजद के टिकट पर बुलो मंडल ने भाजपा प्रत्याशी कुमार शैलेन्द्र को लगातार शिकस्त दी थी। इसके बाद 2010 और 2020 में शैलेन्द्र ने बुलो मंडल को हराकर अपनी हार का हिसाब चुकता किया। हालांकि, 2020 के बाद सियासी समीकरण बदले और बुलो मंडल जदयू में शामिल हो गए। 2025 के चुनाव में जदयू ने उन्हें गोपालपुर सीट से मैदान में उतारा, जहां से उन्होंने शानदार जीत दर्ज की, जबकि शैलेन्द्र ने बिहपुर से जीत हासिल की।
नवगछिया के लिए ऐतिहासिक दिन
राजनीतिक इतिहास में यह पहला ऐतिहासिक मौका है जब नवगछिया अनुमंडल के दोनों विधायकों को एक साथ राज्य कैबिनेट में जगह मिली है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही नेता मूल रूप से बिहपुर के ही रहने वाले हैं। बिहपुर से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले भाजपा विधायक इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र को सरकार में पथ निर्माण मंत्री की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, गोपालपुर से जदयू विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को ऊर्जा मंत्री बनाया गया है।
पूर्वी बिहार का दिखा जलवा
सम्राट कैबिनेट में इस बार पूर्वी बिहार का भारी दबदबा साफ नजर आ रहा है। खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर के तारापुर से विधायक हैं। इसके अलावा लखीसराय से विजय कुमार सिन्हा, झाझा से दामोदर रावत, जमुई से श्रेयसी सिंह और बरबीघा से अशोक चौधरी भी पूर्वी बिहार का मजबूत प्रतिनिधित्व करते हैं। दरअसल, 2025 के विधानसभा चुनाव में पूर्वी बिहार (भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई) की 23 में से 22 सीटों पर एनडीए ने ऐतिहासिक बंपर जीत दर्ज की थी, जिसका सीधा इनाम अब मंत्रिमंडल में इस क्षेत्र के नेताओं को मिला है।




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