राज्यसभा चुनाव पर जीतनराम मांझी ने खोली जुबान- हमें कहा गया था कि... नेतृत्व के फैसले की प्रतीक्षा करेंगे
जीतनराम मांझी ने कहा कि एनडीए के घटक के तौर पर उनसे कहा गया था कि दो लोकसभा और एक राज्यसभा की सीट उन्हें दी जाएगी। हमें नहीं लगता कि हमारा नेतृत्व अपने कहे से पीछे हटेगा।

राज्य सभा की 37 सीट सीटों के चुनाव हो रहे हैं। इनमें बिहार की पांच सीटें भी शामिल हैं। एनडीए की तीन और महागठबंधन के दो राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। चुनाव में एक सीट के लिए केंद्रीय मंत्री ने एनडीए के शीर्ष नेतृत्व को पूराने वादे की याद दिला दी है। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतनराम मांझी ने कहा है कि नेतृत्व के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा करेंगे। इससे पहले चिराग पासवान ने उस कयास पर विराम लगा दिया जिसमें कहा जा रहा था कि उनकी मां रीना पासवान को राज्यसभा भेजा जा सकता है।
पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय एमएसएमई मंत्री ने कहा कि एनडीए के घटक के तौर पर उनसे कहा गया था कि दो लोकसभा और एक राज्यसभा की सीट उन्हें दी जाएगी। खुद से ऐसा कहा गया है। हमें नहीं लगता कि हमारा नेतृत्व अपने कहे से पीछे हटेगा। हमने कभी मांग नहीं किया और अभी भी कोई मांग नहीं है। लेकिन, उनके वायदे पर अंतिम समय तक प्रतीक्षा करेंगे। देखेंगे कि वे देते हैं कि नहीं। लोकसभा में भी उनकी पार्टी को एक सीट मिली।
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें जदयू के केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, राज्यभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, राजद के प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्रधारी सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है। आगामी चुनाव के समीकरण की बात करें तो एनडीए के पास वर्तमान में 202 विधायक हैं। सभी सीटें जीतने के लिए 205 विधायक चाहिए क्योंकि, एक सीट के लिए 41 वोट जरूरी हैं। इधर महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। AIMIM के 5 विधायक और BSP के 1 विधायक महागठबंधन के साथ चले जाते हैं तो विपक्ष भी एक सीट निकाल सकता है। तेजस्वी यादव की पार्टी इसके लिए पूरी ताकत से लगी है। लेकिन ओवैसी पार्टी एआईएमआईएम ने भी अपनी डिमांड महागठबंधन के सामने रख दी है।
सूत्रों के अनुसार एनडीए में 2 बीजेपी, 2 जेडीयू, 1 सहयोगी को देने का फार्मूले पर चर्चा हो रही है। सहयोगी में किसको राज्यसभा भेजने की तैयारी है, इसपर मंथन चल रहा है। उपेंद्र कुशवाहा पहले से कतार में हैं। इसमें एलजेपी आरवी और HAM भी दावेदार है।
केंद्रीय मंत्री ने शराबबंदी पर भी बात की। कहा कि कानून तो सही है पर ठीक से उतारा नहीं गया। अमीर लोग लाखों कीमत वाली महंगी शराब पी रहे हैं और गरीब सस्ती और जहरीली शराब पी रहे हैं। कानूनी दांव पेच में भी गरीब ही फंस रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शराब मात्रा से पी जाए तो दवा है और व्यसन के तौर पर लिया जाए तो हानिकाकरक है। शराब तस्कर करोड़पति हो रहे हैं। चुप चोरी से तस्कर शराब बना रहे हैं। जल्दीबाजी में विषैला चीज मिलाकर शराब बनाते हैं जिसे गरीब लोग पीकर मर रहे हैं। इसलिए शराबबंदी कानून की समीक्षा जरूरी है।




साइन इन