समधन पर हुआ हमला तो सम्राट की पुलिस पर खूब बिफरे जीतन राम मांझी, आंदोलन की भी चेतावनी
मांझी ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने सुरक्षा स्कॉर्ट देने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि गाड़ी में तेल नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो गाड़ी में तेल कहां से आ गया।

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की बाराचट्टी विधायक और अपनी समधन ज्योति मांझी पर रविवार को हुए हमले को लेकर नाराजगी जताई है। सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि विधायक पर हमला साजिश के तहत कराया गया है। उन्होंने कहा कि यदि आठ दिनों के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा आंदोलन करेगी। केंद्रीय मंत्री ने मोहनपुर थाना प्रभारी पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घटना के समय यदि पुलिस स्कॉर्ट मौजूद रहती तो ऐसी वारदात नहीं होती।
मांझी ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने सुरक्षा स्कॉर्ट देने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि गाड़ी में तेल नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो गाड़ी में तेल कहां से आ गया। मांझी ने कहा कि पुलिस चाहती तो उसी समय अपराधियों को पकड़ सकती थी, लेकिन हमलावर फरार हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महादलित समाज की विधायक होने के कारण ज्योति मांझी के खिलाफ साजिश रची जा रही है।
बाराचट्टी विधायक ज्योति देवी से दुर्व्यवहार मामले के बाद रविवार रात मोहनपुर थाना क्षेत्र के कई इलाकों में सुरक्षा बलों ने छापेमारी अभियान चलाया। गंभीरा गांव के समीप हुई घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिला मुख्यालय से अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए गए थे। जानकारी के अनुसार मोहनपुर के लाडू, लालमाटी समेत कई इलाकों में छापेमारी कर घटना में शामिल लोगों की तलाश की गई। इस दौरान पूछताछ के लिए करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है। बताया जाता है कि गंभीरा गांव के समीप साइड देने को लेकर विवाद हुआ था।
इधर, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बाराचट्टी विधायक पर हुए हमले को साजिश करार देते हुए पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सात से आठ दिनों के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा आंदोलन करेगी।
गंभीरा गांव के समीप हुई घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिला मुख्यालय से अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए गए थे। जानकारी के अनुसार मोहनपुर के लाडू, लालमाटी समेत कई इलाकों में छापेमारी कर घटना में शामिल लोगों की तलाश की गई। इस दौरान पूछताछ के लिए करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है। गंभीरा गांव के समीप साइड देने को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान सवारी गाड़ी पर सवार कुछ लोगों ने विधायक ज्योति देवी के साथ दुर्व्यवहार किया तथा उनके सुरक्षाकर्मियों और चालक के साथ हाथापाई भी की। सवारी वाहन पर सवार लोग कौलेश्वरी मंदिर पूजा करने जा रहे थे।
एनडीए कार्यकर्ताओं ने घटना को बताया निंदनीय
मोहनपुर के गंभीरा गांव में विधायक ज्योति देवी के साथ हुए दुर्व्यवहार और हमले के विरोध में सोमवार को मोहनपुर बाजार में एनडीए कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार की घटना का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने घटना के दौरान मोहनपुर पुलिस की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई।
उनका कहना था कि सूचना देने के बाद पुलिस ने तेल की कमी का हवाला दिया और काफी देर से घटनास्थल पर पहुंची। कार्यकर्ताओं ने कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होने से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। बैठक में जितेंद्र मांझी, शंभूनाथ सिंह, सुनील कुमार सिंह, हरिशंकर प्रसाद मेहता, रामनंदन सिंह, मंजर आलम, रविशंकर प्रियदर्शी सहित कई लोग मौजूद रहे।




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