चिराग के सवाल पर JDU का सधा जवाब; नीतीश कानून का राज लाए, सबको बोलने का हक है
बिहार में अपराध पर चिराग पासवान के नीतीश सरकार पर सवाल उठाए जाने को लेकर जनता दल यूनाइटेड ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। जेडीयू ने कहा कि लोकतंत्र में विरोधी और सहयोगी, सभी को बोलने का हक है।
बिहार में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शनिवार को नीतीश सरकार पर सवालिया निशान खड़े किए, जिससे एनडीए में खलबली मची हुई है। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने सधा हुआ जवाब दिया है। जेडीयू के प्रवक्ता अभिषेक झा ने शनिवार को कहा कि विरोधी हो या सहयोगी, लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश ने बिहार में कानून का राज स्थापित किया है।
दरअसल, जेडीयू की सहयोगी लोजपा-रामविलास के मुखिया चिराग पासवान ने शनिवार को एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने बिहार में हो रहे मर्डर की वारदातों पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा, "बिहारी अब और कितनी हत्याओं की भेंट चढ़ेंगे, बिहार पुलिस की जिम्मेदारी क्या है यह समझ से परे है।" इस टिप्पणी के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
नीतीश सरकार की पुलिस पर सवाल खड़ने करने वाले इस पोस्ट पर जेडीयू भले ही सीधा-साधा जवाब दे रही है। मगर, एक और सहयोगी दल हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के सुप्रीमो जीतनराम मांझी गरम हो गए। नरेंद्र मोदी सरकार की केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री मांझी ने चिराग को गठबंधन धर्म का पालन करने की नसीहत दे दी। उन्होंने एक कहावत के लिए कहा कि गुड़ खाते हैं तो गुड़म्मा से परहेज ठीक नहीं है।




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