जदयू-रालोमो की विचारधारा एक जैसी, भाजपा की अलग; उपेंद्र कुशवाहा का दर्द छलका
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जदयू और रालोमो की विचारधारा एक जैसी है। विपरीत परिस्थिति में भी नीतीश कुमार के साथ जो लोग जदयू में गए थे, वे शत-प्रतिशत लोग भाजपा में नहीं जाएंगे।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि जदयू और रालोमो की विचारधारा एक जैसी है। भाजपा की विचारधारा लग है। वे रवींद्र भवन में रविवार को रालोमो के राज्य महाधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि रालोमो की अनदेखी कोई नहीं कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश की सरकार में हिस्सेदार है और आगे भी रहेगी। इसको लेकर किसी के मन में कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेरे प्रति स्नेह कभी कम नहीं हुआ। हर समय सबकुछ अच्छा ही नहीं होता, कभी दो कदम हम आगे बढ़ते तो कभी एक कदम पीछे। विधान परिषद के मौजूदा चुनाव की चर्चा किये बगैर उन्होंने कहा कि रालोमो की अनदेखी कोई नहीं कर सकता है। अपने नेताओं से कहा कि मीडिया में रालोमो का बहुत पहले ही विलय कराया जा रहा था। इन बातों पर आपलोग ध्यान नहीं देंगे। रालोमो का अस्तित्व किसी एक पद के लिए समाप्त हो जाये, दुनिया की कोई ताकत ऐसा नहीं कर सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि सबसे पहले हमने कहा था कि निशांत को पार्टी में लाना चाहिए, जदयू के अस्तित्व के लिए यह जरूरी था। पार्टी में वह आये भी तो उन्हें मंत्री नहीं, बल्कि उपमुख्यमंत्री बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जदयू और रालोमो की विचारधारा एक जैसी है। विपरीत परिस्थिति में भी नीतीश कुमार के साथ जो लोग जदयू में गए थे, वे शत-प्रतिशत लोग भाजपा में नहीं जाएंगे। ना ही शत-प्रतिशत लोग राजद में जाएंगे।
आलोक कुमार सिंह बने रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष
रालोमो ने विधायक आलोक कुमार सिंह फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वहीं, प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी कार्यकारी अध्यक्ष तथा हिमांशु पटेल प्रधान महासचिव बनाए गए हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने महाधिवेशन में इनके निर्वाचित होने की घोषणा की। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दो नामांकन हुए थे, पर दोनों ही उम्मीदवारों ने इसकी घोषणा करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अधिकृत किया। मौके पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, विधायक माधव आनंद, स्नेहलता, रामेश्वर महतो आदि नेता मौजूद थे।
दरअसल, कुशवाहा के मंत्री बेटे दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर संशय उत्पन्न हो गया है। एमएलसी चुनाव में 9 पदों पर एनडीए के उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है। चार भाजपा से , चार जदयू से और एक लोजपा आरवी से उम्मीदवार उतारे गए हैं। दीपक कुशवाहा मंत्री हैं पर किसी सदन में नहीं हैं। एमएलसी चुनाव में उनके लिए कोई सीट नहीं छोड़ी गई है।




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