बिहार में दलितों के बाद मुसलमान सबसे गरीब, किशनगंज में बोले प्रशांत किशोर
उन्होंने कहा कि बिहार में दलितों के बाद सबसे ज्यादा गरीब मुसलमान हैं और आधे से ज्यादा मुस्लिम परिवार ऐसे हैं जो चाहकर भी अपने बच्चों को न्याय नहीं दिला सकते। पीके ने यहां कहा कि आपको बार-बार बताया गया कि आप अल्पसंख्यक हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में हलचल तेज है। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को किशनगंज स्थित अंजुमन इस्लामिया मदरसा में आयोजित बिहार बदलाव इजलास को संबोधित करते हुए बिहार की राजनीतिक स्थिति, सामाजिक असमानता और मुस्लिम समुदाय की भूमिका पर खुलकर अपनी बात रखी। प्रशांत किशोर ने कहा कि हमने कई जगह उन नेताओं की मदद की, जिन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की पार्टी को हराया है, लेकिन हम पार्टी नहीं विचारधारा की राजनीति करते हैं।
उन्होंने कहा कि कौन पार्टी कैसी है, इस विवाद में नहीं पड़ते। आज का हुक्मरान जालिम है, तो मानिए कि उसे चुनने में आपसे गलती हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार में दलितों के बाद सबसे ज्यादा गरीब मुसलमान हैं और आधे से ज्यादा मुस्लिम परिवार ऐसे हैं जो चाहकर भी अपने बच्चों को न्याय नहीं दिला सकते। पीके ने यहां कहा कि आपको बार-बार बताया गया कि आप अल्पसंख्यक हैं। नेताओं ने आपको मानसिक रूप से कमजोर कर दिया है। आबादी के अनुपात में आपके 40 विधायक होने चाहिए, लेकिन सिर्फ 19 हैं।
प्रशांत किशोर ने मुसलमानों से अपील की कि वे तादाद की चिंता छोड़कर हक के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि भाजपा की ताकत उसकी विचारधारा है। अगर उसे हटाना है तो गांधी की विचारधारा को अपनाना होगा। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मुसलमानों को अकेले लड़ने की बात करते हैं, जबकि जनसुराज की सोच है कि सभी हिंदू और मुसलमान मिलकर बदलाव लाएं।
उन्होंने कहा कि आज भी आधे से ज्यादा हिंदू भाजपा को वोट नहीं देते। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि अगर बिहार बदलेगा, तो देश बदलेगा। अगर आप गलत को चुनेंगे, तो गलत ही पाएंगे। सही को चुनिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य मिल सके। जनसुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद उदय सिंह ने कहा कि पूर्णिया और किशनगंज का दिल का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि पार्टियों से ज्यादा पार्टियों के अंदर के लोगों को देखने की जरूरत है। हिन्दू और मुसलमानों के वोटों की खेती की जाती है। लोगों के जज्बात से खिलवाड़ किया जाता है। अब नफरत और डर के चक्र को तोड़ने का समय आ गया है।




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