जमुई जिले के मूलभूत समस्याओ में सुधार को लेकर सीएम से मांग करती पूर्व जिला परिषद
जमुई जिले के मूलभूत समस्याओ में सुधार को लेकर सीएम से मांग करती पूर्व जिला परिषद जमुई जिले के मूलभूत समस्याओ में सुधार को लेकर सीएम से मांग करती पूर्व

अलीगंज । निज संवाददाता पूर्व जिला परिषद सह जद यू नेत्री सावित्री देवी उर्फ रूपम कुमारीं व प्राचार्य धनेश्वर प्रसाद ने मुख्य मंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर उन्हें बधाई देते हुए जमुई जिले के मूलभूत समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जमुई आर्थिक दृष्टि से पिछड़े जि़लों की श्रेणी में आता है। जमुई को देश के 250 सबसे पिछड़े जिलों में गिना गया था।जमुई उग्रवाद से प्रभावित रहा है,आदिवासी एवं मांझी समुदाय की अधिक आबादी है,जो समाज का अंतिम व्यक्ति कहलाता है। यहाँ के लिए चुनौती है। जिले के दक्षिण में छोटे-छोटे पहाड़ और असमान भूभाग है,जबकि अन्य हिस्सों में खेती के लिए उर्वरक भूमि है।
जमुई जिले में कुल दस प्रखण्ड है लेकिन सभी प्रखंडों की भौगोलिक सिथति भिन्न भिन्न है। कही रेन सेडो है तो कही अधिक वर्षा हो रहा है।इसलिए उक्त समस्याओं के समाधान के लिए जमुई जिला निवासी लॉर्ड बुद्धा स्कूल पटना के प्राचार्य श्री धनेश्वर प्रसाद एवं वरिष्ठ जदयू नेत्री श्रीमती सावित्री देवी ने जमुई के विकास के लिए अधिक ध्यान देने की बात रखी। माननीय मुख्यमंत्री जी ने आश्वासन दिया कि जमुई मेरे गृह जिला मुंगेर से जुड़े रहने के कारण जमुई को अच्छी तरह जनता हूँ और इसपर विशेष ध्यान देंगे। भौगोलिक असमानता को दूर करने का प्रयास करेंगे।ई० अलीगंज प्रखण्ड में अतिरिक्त पावर हाउस की स्थापना की मांग को लेकर ज्ञापनअलीगंज, निज संवाददाताई० अलीगंज प्रखण्ड में अतिरिक्त पावर हाउस निर्माण की मांग को लेकर जमुई सांसद प्रतिनिधि सह सिंकन्दरा विधान सभा प्रभारी मैना गांव निवासी रविन्द्र सिंह उर्फ कारू सिंह ने सांसद को ज्ञापन दिया है। दिए गए ज्ञापन में लिखा गया है कि मेरे कार्यालय द्वारा पूर्व में पत्रांक 626/2025 दिनांक 23.08.2025 द्वारा आपके विभाग को एक आवेदन अनुरोध प्रेषित किया गया था। जिसमें यह उल्लेखित किया गया था कि प्रखंड - ई० अलीगंज में वर्तमान में मात्र एक ही पावर हाउस कार्यरत है, जबकि पूरे प्रखंड में सैकड़ों गांव, बजार एवं पंचायतें शामिल हैं। इस स्थिति में प्रखंड के लिए उपलब्ध विद्युत लोड अत्यधिक होने के परिणामस्वरूप बार-बार ट्रिपिंग, ओवरलोड, कम वोल्टेज एवं अनियमित विद्युत आपूर्ति जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं, उक्त पावर हाउस अपनी सीमित क्षमता के कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ है, जिससे आम जनजीवन, कृषि कार्य एवं विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।दुर्भाग्यवश, उपर्युक्त पत्र प्रेषित किए जाने के पश्चात भी अब तक इस संबंध में आपके विभाग द्वारा किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। फलस्वरूप क्षेत्र की स्थिति दिन-प्रतिदिन और भी गंभीर होती जा रही है। बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण किसानों की फसल सिंचाई प्रभावित हो रही है, छोटे व्यवसाय बाधित हो रहे हैं तथा आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए प्रखंड-ई० अलीगंज में एक अतिरिक्त पावर हाउस की स्थापना अत्यंत आवश्यक एवं जनहित में है, ताकि क्षेत्र में निर्वाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके तथा विकास कार्यों को गति मिल सके।अत: आपसे पुन: आग्रह है कि उक्त संदर्भित पत्र एवं आवेदन में उल्लिखित तथ्यों के आलोक में, उक्त जनहित की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए, इस विषय को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें एवं जिला-जमुई के प्रखंड ई० अलीगंज में अतिरिक्त नए पावर हाउस की स्थापना हेतु सकारात्मक निर्णय लिया जाए। यह विषय जनहित से अत्यंत महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा हुआ है, अत: इस पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा है।गलत चेन पुलिंग से ट्रेनों की गति और सैकड़ों यात्री दोनों होते हैं प्रभावितअलार्म चेन के दुरुपयोग पर रेलवे की सख्त कार्रवाईझाझा,निज संवाददाताबगैर वाजिब कारण जे अवैद्य रूप से चेन पुलिंग (एसीपी) ट्रेनों की गति और सैकड़ों मुसाफिरों के यात्रा कार्यक्त्रम दोनों को प्रभावित करती है। यह कहना-मानना है आसनसोल रेल मंडल प्रशासन का। शायद यही वजह है कि गैर जिम्मेदार तत्वों की उक्त हरकत को आसनसोल रेल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का दावा किया है। आसनसोल के पीआरओ ने कार्रवाई का कुछ ब्यौरा साझा करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अनधिकृत एसीपी के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई तथा जन-जागरूकता अभियान को और तेज कर दिया गया है। यह अभियान रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संबंधित रेलवे विभागों के समन्वय से ऑपरेशन समय पालन के तहत चलाया जा रहा है। ताकि सुरक्षित, समयनिष्ठ एवं निर्बाध रेल सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि रेलवे का उद्देश्य केवल दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यात्रियों को अलार्म चेन के दुरुपयोग के गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करना भी है। मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर लगातार जागरूकता अभियान,उद्घोषणाएं, परामर्श कार्यक्त्रम तथा नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। बकौल पीआरओ,इसके बावजूद एसीपी की घटनाएं सामने आ रही हैं,जिससे ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था प्रभावित होती है और यात्रियों को असुविधा होती है।कहा कि अलार्म चेन एक आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था है, जिसका उपयोग केवल वास्तविक एवं जीवनरक्षक परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए।अवैद्य एसीपी के 1484 मामले दर्ज हुए,8.78 लाख रुपए का वसूला गया जुर्माना:उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अनधिकृत एसीपी के कुल 1,484 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 1,455 दोषियों को पकड़ा गया तथा 8,78,200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु संवेदनशील स्टेशनों एवं खंडों में विशेष निगरानी तथा आकस्मिक जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।एक की हरकत से सैकड़ों यात्रियों को होती मुश्किल:कहा कि गैर-निर्धारित स्थानों एवं ब्लॉक सेक्शनों में ट्रेनों को अनधिकृत रूप से रोकने से रेल परिचालन बाधित होता है,सेवाओं में विलंब होता है तथा यात्रियों की आगे की यात्रा योजनाएं प्रभावित होती हैं। एक व्यक्ति द्वारा किया गया ऐसा दुरुपयोग सैकड़ों यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है,जिनमें परीक्षा देने जा रहे छात्र,उपचार हेतु यात्रा कर रहे मरीज,ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारी तथा समयबद्ध यात्रा कर रहे परिवार शामिल हैं।एसीपी से यात्रियों की हुई मुश्किल की दी मिसालें:हाल ही में एक घटना में,एक यात्री अपने परिजन के साथ अत्यावश्यक चिकित्सीय परामर्श हेतु यात्रा कर रहा था,किंतु अनावश्यक चेन पुलिंग के कारण ट्रेन रुक जाने से उसे गंभीर चिंता का सामना करना पड़ा। मूल्यवान समय नष्ट हुआ तथा अनेक सहयात्री भी परेशान हो गए। ऐसी घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि अलार्म चेन का दुरुपयोग कोई मामूली कृत्य नहीं, बल्कि इसका वास्तविक प्रभाव अन्य यात्रियों पर पड़ता है।एसीपी एक दंडनीय अपराध है:रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 141 के अंतर्गत अलार्म चेन का दुरुपयोग दंडनीय अपराध है। दोषी को एक वर्ष तक का कारावास, ₹1,000/- तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। प्रथम दोषसिद्धि पर न्यूनतम ₹500/- का जुर्माना निर्धारित है। दूसरी अथवा पुनरावृत्ति की स्थिति में तीन माह तक का कारावास भी हो सकता है।रेलवे ने यात्रियों से जिम्मेदारीपूर्ण आचरण की अपील की:पीआरओ ने कहा कि आसनसोल मंडल सभी यात्रियों से अपील करता है कि वे जिम्मेदारीपूर्वक आचरण करें तथा अलार्म चेन का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें। समयनिष्ठ, सुरक्षित एवं यात्री-अनुकूल रेल सेवाओं के लिए जनसहयोग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
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