ईरान संकट के बीच भारत का तेल स्टॉक कितने दिन चलेगा? सरकार ने दी बड़ी जानकारी
मिडिल ईस्ट में संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल बाजार में हलचल मची हुई है। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है, और अब ईरान की ओर से इसे बंद करने की घोषणा के बाद तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। लेकिन भारत के लिए राहत की खबर है।

मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल बाजार में हलचल मची हुई है। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है, और अब ईरान की ओर से इसे बंद करने की घोषणा के बाद तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। लेकिन भारत के लिए राहत की खबर है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, हमारी स्थिति मजबूत बनी हुई है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हमारे पास कच्चे तेल का 25 दिनों का भंडार उपलब्ध है, साथ ही उत्पाद (जैसे पेट्रोल, डीजल) के परिवहन में भी 25 दिनों का स्टॉक रास्ते में है।
बता दें कि फरवरी महीने मेंकेंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा को सूचित किया था कि भारत का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार किसी भी वैश्विक उथल-पुथल से उत्पन्न मांग को पूरा करने के लिए 74 दिनों तक चल सकता है। पुरी ने कहा था कि हम अपने भंडार का आकलन केवल गुफाओं (अंडरग्राउंड कैवर्न्स) में ही नहीं, बल्कि अपनी रिफाइनरियों में भी करते हैं। उन्होंने आगे बताया था कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में हमारी गुफाओं में भंडार हैं और हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही ओडिशा में भी काम शुरू कर देंगे।
दरअसल, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की संभावना से ऊर्जा संकट की चिंता बढ़ गई है, जो वैश्विक तेल के पांचवें हिस्से के पारगमन का प्रमुख मार्ग है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के मुख्य कमांडर के सलाहकार इब्राहिम जब्बारी ने आज ( मंगलवार ) इस पर जोर देते हुए घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी यहां से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे हमारी वीर और समर्पित नौसेना, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर और सेना के जवान आग से नष्ट कर देंगे। अगर वे इस क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास करेंगे तो उन्हें निश्चित रूप से गंभीर और निर्णायक मुठभेड़ का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि हम इस क्षेत्र में उनकी पाइपलाइनों को भी निष्क्रिय कर देंगे और इस क्षेत्र से तेल का निर्यात नहीं होने देंगे, जिससे वे मुश्किल में पड़ जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकियों पर अरबों डॉलर का कर्ज है। वे इस क्षेत्र के तेल के लिए बेताब हैं। हम तेल की एक बूंद भी उन्हें नहीं पहुंचने देंगे।
बता दें कि ईरान ने रविवार को जलडमरूमध्य बंद करने के अपने इरादे की घोषणा की थी। यह घोषणा देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य नेतृत्व की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान हवाई हमलों में कुछ लोगों के मारे जाने के कुछ घंटों बाद आई। उसके बाद से कच्चे तेल का लगभग 90% यातायात ठप हो गया है। सामान्य रूप से प्रतिदिन 100 से अधिक जहाजों के आवागमन के बजाय, रविवार को केवल तीन टैंकर ही जलडमरूमध्य पार कर सके। सोमवार को यह संख्या घटकर एक रह गई। जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश में तेल टैंकरों सहित कम से कम छह जहाज क्षतिग्रस्त हो गए। फिलहाल, जलडमरूमध्य के दोनों ओर 700 से अधिक टैंकर फंसे हुए हैं।




साइन इन