संपूर्ण क्रांति समेत पटना से खुलने वाली इन ट्रेनों को अब मुजफ्फरपुर से चलाने की तैयारी, 4 नए प्लेटफॉर्म बन रहे
पटना से नई दिल्ली के बीच चलने वाली 12393/94 बिहार संपूर्ण क्रांति सुपरफास्ट, 12142/41 पाटलिपुत्र-एलटीटी सुपरफास्ट, 12742/41 पटना-वॉस्को द गामा सुपरफास्ट के अलावा 11402 सुपौल-पुणे एक्सप्रेस के मुजफ्फरपुर से परिचालन को लेकर फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी गई है।

अमृत भारत योजना से मुजफ्फरपुर जंक्शन का पुनर्निर्माण हो रहा है। इसके तहत चार और नये प्लेटफॉर्म बनने हैं। साथ ही वाशिंग पिट भी अपग्रेड होना है। पूर्व मध्य रेलवे प्लेटफॉर्म बढ़ने पर ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाएगा, रेलवे के अधिकारियों ने इसके संकेत दिए हैं। मुजफ्फरपुर से किस ट्रेन को खोला जा सकेगा या कौन सी ट्रेन दूसरे स्टेशन से यहां तक विस्तारित की जा सकती है, इसकी योजना तैयार की जा रही है।
इस कड़ी में पटना से नई दिल्ली के बीच चलने वाली 12393/94 बिहार संपूर्ण क्रांति सुपरफास्ट, 12142/41 पाटलिपुत्र-एलटीटी सुपरफास्ट, 12742/41 पटना-वॉस्को द गामा सुपरफास्ट के अलावा 11402 सुपौल-पुणे एक्सप्रेस के मुजफ्फरपुर से परिचालन को लेकर फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी गई है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट को लेकर स्थानीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही रिपोर्ट जोन को सौंपे जाने की संभावना है। पूमरे के ऑपरेटिंग विभाग ने पटना, पाटलिपुत्र और सुपौल की इन ट्रेनों के विस्तार की योजना तैयार की है।
विस्तारीकरण से पटना जंक्शन का घटेगा दबाव
उत्तर बिहार के रेल यात्रियों को ट्रेनों के मुजफ्फरपुर तक विस्तारीकरण से फायदा होगा। वहीं, पटना जंक्शन का दबाव घटेगा। वर्तमान में मुजफ्फरपुर से मुंबई व बांद्रा के लिए एक-एक ट्रेन है। गोवा के लिए कोई ट्रेन नहीं है। इनके विस्तार से मुंबई के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और गोवा के लिए सीधी ट्रेन मिल जाएगी।
मुजफ्फरपुर में वाशिंग पिट की बढ़ानी होगी लंबाई
मुजफ्फरपुर में दो वाशिंग पिट हैं। इनमें से एक फुल लेंथ और दूसरा छोटा है। अगर भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ती है तो रेलवे को पहले वाशिंग पिट की लंबाई बढ़ानी होगी, ताकि दोनों वाशिंग पिट पर एक साथ 24 बोगियों की गाड़ियों का मेंटनेंस हो सके। बता दें कि एक गाड़ी के प्राइमरी मेंटनेंस में सात घंटे का समय लगता है।
स्टेशनों का होगा फायर ऑडिट
इधर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पूर्व मध्य रेल के प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर ने सभी स्टेशनों के फायर सेफ्टी ऑडिट का आदेश जारी किया है। इसे लेकर रेड बुलेटिन भी जारी किया गया है। बीते सप्ताह हुए औचक निरीक्षण के बाद उन्होंने फायर ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। निरीक्षण के दौरान कई स्टेशनों पर आग से बचाव के इंतजामों में कमियां मिली थीं।
निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर फायर एक्सटिंग्विशर गलत तरीके से रखा मिला। इसके लिए मंडल स्तर पर सेफ्टी, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई है। टीम करीब एक पखवाड़े में रिपोर्ट जोन को सौंपेगी। मालूम हो कि अप्रैल में जंक्शन पर पीआरएस और प्लेटफॉर्म पर स्थित टीवी सर्वर रूम में आग लगने की दो बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। दोनों बार समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।




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