Bihar Weather: भागलपुर, कटिहार और बांका समेत बिहार इन जिलों में होगी बारिश, मानसून कब आएगा; मौसम का हाल
Bihar Weather: रविवार को उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-मध्य बिहार के एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात तथा 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने का पूर्वानुमान है। इस बीच बारिश न होने की स्थिति में पटना सहित दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में उमस भरी गर्मी बनी रह सकती है।
Bihar Weather: दिनभर की तपिश के बाद दक्षिण बिहार के सात जिलों में देर शाम हुई बारिश से लोगों को राहत मिली। पटना में भी शाम सात बजे के बाद बादलों ने डेरा जमाया और कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। पटना के अलावा अरवल, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, रोहतास और भोजपुर में भी गरज-तड़क के साथ बारिश दर्ज की गई। शनिवार की सुबह पटना में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन दिन में उमस भरी गर्मी का असर देखने को मिला। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्री-मानसून बारिश है।
बिहार में मानसून के आगमन के लिए अभी एक से डेढ़ सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि मानसून लेकर पूर्व के अनुभवों के आधार पर मौसमविद अभी स्पष्ट अनुमान लगाने से बच रहे हैं। इस बीच उत्तर बिहार में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। शुक्रवार और शनिवार को पूर्णिया और चंपारण के कुछ जगहों में भारी बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक 74.8 मिमी बारिश पूर्वी चंपारण के पताही में दर्ज की गई, जबकि पूर्णिया के रुपौली में 71.4 मिमी वर्षा हुई।
आज कहां-कहां बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को बांका, कटिहार और भागलपुर में भारी बारिश की संभावना है। रविवार को उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-मध्य बिहार के एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात तथा 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने का पूर्वानुमान है। इस बीच बारिश न होने की स्थिति में पटना सहित दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में उमस भरी गर्मी बनी रह सकती है।
शनिवार को राज्य के 24 शहरों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना के न्यूनतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस की कमी आई। कैमूर में सर्वाधिक 5.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं मधेपुरा, मोतिहारी, छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी अन्य जिलों में न्यूनतम पारा 0.8 डिग्री से 3 डिग्री तक नीचे आया।
बिहार में 15 जून के बाद मानसून के प्रवेश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिम-मध्य और पूर्वी-मध्य अरब सागर, कर्नाटक, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु तथा दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश भागों में आगे बढ़ चुका है। इसके अलावा मिजोरम और मणिपुर राज्य के कुछ हिस्सों में भी मानसून ने दस्तक दे दी है।
अगले दो से तीन दिनों के दौरान इसके पूर्वोत्तर राज्यों के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके बाद मानसून के पश्चिम बंगाल और झारखंड तक पहुंचने की संभावना है। बिहार राज्य में मानसून के आगमन का सामान्य समय 12 से 13 जून माना जाता है, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इस बार यह 15 से 16 जून तक राज्य में प्रवेश कर सकता है।
वज्रपात से चार की गई जान, पांच लोग झुलसे
इधर बिहार में आंधी-बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और पांच लोग झुलस गए। मौत की घटाएं मुंगेर, बांका, बक्सर और जमुई जिले में हुईं। बक्सर के राजपुर थाना के जमौली पूरब डेरा निवासी सत्येंद्र चौहान के इकलौते पुत्र आशीष कुमार (13) पर शनिवार की शाम उस समय ठनका गिरा, जब वह मवेशी चरा रहा था। घटना में योगेश चौहान (25) व शैल कुंवर झुलस गए। बांका के बंधुआ कुरावा थाना क्षेत्र के खोरीमोह, जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के कोनन गांव और मुंगेर के धरहरा में एक-एक व्यक्ति की मौत ठनका गिरने से हो गई। जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के कोनन गांव में शुक्रवार की देर शाम वज्रपात की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान कोनन गांव निवासी महेंद्र यादव (47 वर्ष) के रूप में हुई है।
बांका जिले के धुआ कुरावा थाना क्षेत्र के खोरीमोह गांव में वज्रपात की चपेट में आने से असनाहा गांव निवासी अमित कुमार (25 वर्ष) की मौत हो गई, जबकि वज्रपात की चपेट में आकर तीन अन्य झुलस गए। हादसा तब हुआ जब अमित एक वैवाहिक आयोजन के लिए टेंट लगा रहा था। मुंगेर में शनिवार सुबह गरज-चमक के साथ करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश के दौरान ठनका गिरने से धरहरा में मवेशी चराने जा रहे किसान गणेश यादव (40 वर्ष) की मौत हो गयी।
उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में शुक्रवार की देर रात बारिश हुई। पश्चिम चंपारण के नौतन में बिजली के पोल गिरने से कई जगह बिजली बाधित रही। मधुबनी में ठनका गिरने से बिजली की एचटी लाइन प्रभावित रही। सीतामढ़ी में पेड़ टूटकर बिजली के तारों पर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। नौतन व चनपटिया में जगह-जगह पोल टूट कर गिर गये




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