पटना में नेत्रहीन छात्रा से 2 साल तक रेप, IG जितेंद्र राणा का आदेश- केस का हो स्पीडी ट्रायल
नेत्रहीन विद्यालय में वहीं के क्लर्क अजीत कुमार पर 12 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपित दो वर्षों से मासूम के साथ दुष्कर्म कर रहा था। चार दिन पूर्व बच्ची के मां-बाप को जब इस पूरी घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने अगमकुआं थाने में एफआईआर दर्ज कराई।

बिहार की राजधानी पटना में अगमकुआं स्थित नेत्रहीन स्कूल में 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले का स्पीडी ट्रायल होगा। रेंज आईजी जितेंद्र राणा ने मंगलवार को इस मामले की गहनता से छानबीन करने और आरोपित का स्पीडी ट्रायल कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारी से कहा है कि आरोपित के बाबत भी जांच की जाये कि उसने ऐसा कुकृत्य पहले कभी किया है या नहीं। जरूरत पड़ने पर उसे रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की जा सकती है।इधर, रेंज आईजी के निर्देश के बाद पुलिस ने इस मामले की छानबीन और भी तेज कर दी है। आरोपित के ऊपर पॉक्सो के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक पुलिसिया छानबीन में यह भी पता चला है कि जिस हॉस्टल में बच्चियां रहती थीं, उसमें अधिकतर कर्मी पुरुष हैं।
दो वर्षों से मासूम के साथ कर रहा था दुष्कर्म
नेत्रहीन विद्यालय में वहीं के क्लर्क अजीत कुमार पर 12 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपित दो वर्षों से मासूम के साथ दुष्कर्म कर रहा था। चार दिन पूर्व बच्ची के मां-बाप को जब इस पूरी घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने अगमकुआं थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने आरोपित क्लर्क अजीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़ित बच्ची इसी नेत्रहीन स्कूल के हॉस्टल में रहकर वर्ष 2018 से ही पढ़ाई कर रही थी। दो साल पहले से अजीत ने उसके साथ गलत हरकत शुरू की। उसे वक्त बच्ची महज 10 साल की थी।
बच्ची के पिता ने कहा, दोषी को सजा दिलाए पुलिस
बच्ची के पिता ने पुलिस से दोषी क्लर्क को सजा दिलाने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उनका पूरा परिवार टूट गया है। बच्ची के दिमाग पर इसका बुरा असर पड़ा है। परिवार के सदस्य मासूम को संभालने में लगे हैं। उसके अब भी सहमी हुई है। पिता ने बताया कि उन्हें महिला आयोग से किसी ने कॉल किया था, लेकिन फिलहाल वे पटना में नहीं हैं। इस कारण वापस लौटने के बाद ही वे किसी से मुलाकात कर सकेंगे।




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