पति ने पहले गला काटा, चैन नहीं आया तो छाती पर भी वार किए; पत्नी का मायके में मर्डर
पूर्वी चंपारण जिले में एक महिला की उसके मायके में ही पति द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई। पति ने पहले उसका गला काटा, फिर छाती पर वार करके पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में एक पत्नी की उसके मायके में ही पति ने बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात पीपरातकोठी क्षेत्र में झाखरा के बलिया टोला की है। ससुराल आए पति ने कुल्हाड़ी से काटकर रात को सोई अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। उसने पहले बीवी का गला काटा। फिर भी चैन नहीं मिला तो छाती पर वार किए। मृतका की पहचान 25 वर्षीय मानती देवी के रूप में हुई है। पुलिस ने केसरिया खेदलपुरा निवासी उसके पति सुबोध मांझी को गिरफ्तार कर लिया है। सुबोध बाहर रहकर मजदूरी का काम करता था। हत्या में प्रेम-प्रसंग की चर्चा हो रही है। पति-पत्नी के बीच वारदात वाली शाम झगड़ा भी हुआ था। हालांकि असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
जानकारी के अनुसार आरोपी सुबोध बाहर से पांच दिन पूर्व सीधे ससुराल आया था। वहां सभी से मिलजुल कर रह रहा था। मंगलवार रात घर के आंगन में सभी परिजन के साथ वह भी सो गया। उसकी पत्नी भी वहीं सोई थी। जब सभी लोग सो गए तो सुबोध ने कुल्हाड़ी से गहरी नींद में सोई अपनी पत्नी की हत्या कर दी।
जब बगल में सोए परिजन आवाज सुनकर उठे तब तक वह फरार हो गया। मृतका मानती बीते 6 माह से मायके में रह रही थी। उसको 4 साल का एक बेटा भी है। मृतका के पिता मजदूरी करने के लिए बाहर गए हैं। थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने बताया कि घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद हुई है। वहीं शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
खून का फव्वारा मुंह पर पड़ने से जागीं बहनें
सुबोध ने जब मानती का कत्ल किया तो गर्दन से खून के फव्वारे छूट पड़े। बगल में सोई मानती की बहनों की खून के फव्वारे पड़ने से नींद खुल गई। उन्हें लगा कि बारिश होने लगी है। जब दोनों बहनें गूंजा और सोनी जगी तब अपने जीजा को कुल्हाड़ी लिए बहन के शव के समीप खड़ा पाया। दोनों जोर-जोर से चिल्लाईं। परंतु पंखे की आवाज और गहरी नींद में किसी ने इनकी आवाज किसी ने नहीं सुनी। फिर दोनों बहनों ने रोते हुए पड़ोस के लोगों को जगाया। तब तक वह सुबोध भाग चुका था।
बताया जा रहा है कि शाम को पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। उसके बाद मृतका की मां ने दामाद से कहा कि आज सो जाइए कल अपनी पत्नी के साथ घर चले जाएगा। और रात में ही पत्नी की इहलिला समाप्त कर दिया। मृतका मानती देवी के पिता राजदेव माझी बेंगलुरु में मजदूरी कर आठ सदस्यों से भरे परिवार का पोषण करता था। एक वर्ष से उसकी सबसे बड़ी बेटी मृतका भी मायके रह कर जीवन यापन करती थी। पारिवारिक विवाद को लेकर वह मायके आई थी। मृतका को तीन बहन और दो भाई है। सभी उससे छोटे हैं। उसका पुत्र सोनू अभी चार साल का है।




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