हाईप्रोफाइल ठेकेदार रिशु श्री गिरफ्तार, 68 करोड़ की संपत्ति अटैच; टेंडर माफिया की IAS लॉबी में भी पैठ
पटना के हाईप्रोफाइल ठेकेदार रिशु श्री को एसयूवी ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को उसके ठिकाने के सवा किलो सोना-चांदी और हीरा के साथ लाखों कैश बरामद किए गए थे। कई आईएएस अधिकारियों से उसका करीबी संबंध है जिन्हें रिशु ने अनुचित लाभ पहुंचाया।

Tender Mafia Rushu Shree Arrested: विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने पटना के टेंडर माफिया ठेकेदार रिशु श्री के विरुद्ध भ्रष्टाचार के दर्ज मामले में पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है। इकाई के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि रिशु श्री को जेल भेजा जाएगा। जरूरत पड़ने पर न्यायालय से रिमांड लेकर उससे पूछताछ की जा सकती है। गौरतलब है कि एसवीयू ने बुधवार को रिशु श्री के पटना स्थित आवासीय परिसर की जांच की थी। इस दौरान उसके घर से करीब 2 करोड़ रुपये का सोना, ढाई लाख नगद और 61 सेल डीड के पेपर बरामद हुए थे।
एसवीयू के एडीजी पंकज दराद ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। खबर है कि उसकी 68 करोड़ की संपत्ति अटैच करने की तैयारी की जा रही है। 9 परसेंट कमीशन पर सरकारी टेंडर मैनेज करने के रैकेट को खंगाला जा रहा है। इस प्रकरण में कई आईएएस अधिकारी रडार पर हैं जिन्हें रिशुश्री ने करोड़ों का अनुचित लाभ पहुंचाया। निगरानी टीम उससे पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि आज ही न्यायालय में पेश करके उसे जेल भेजा जा सकता है। बाद में उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है। रिशु से पूछताछ में बड़े बड़े नाम उजागर हो सकते हैं। उसकी गिरफ्तारी से ठेकेदारी महकमे में खलबली मची है।
बुधवार को रिशु श्री के पटना के मीठापुर स्थित फ्लैट पर करीब 11 घंटे तक छापेमारी चली। उसकी गिरफ्तारी विभागीय टेंडर में हेराफेरी और मनी लाउंड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। रिशु के घर से करीब दो करोड़ के जेवर और कैश बरामद किए गए और 61 प्रॉपर्टी के सेल डीड बरामद किए। रिशु के कई आईएएस अधिकारियों से ताल्लुक भी उजागर हुए हैं जिनकी कड़ियां जांच एजेंसी तलाश रही है। एसवीयू ने देर रात उसे पूछताछ के लिए बुलाया और गिरफ्तार कर लिया। एसवीयू के एडीजी पंकज दराद ने इसकी पुष्टि की है।
बताया जा रहा है कि रिशु वुडको, नगर विकास, भवन निर्माण विभाग सहित सरकारी विभागों के टेंडर वह मैनेज करता था। उस पर सरकारी राजस्व का नुकसान का आरोप है। रिशु प्रभावशाली अधिकारियों की मदद से टेंडर मैनेज करता था। बदले में उन्हें अनुचित लाभ अधिकारियों को पहुंचाता था। पता चला है कि रिशु अधिकारियों के लि विदेश यात्रा तक मैनेज किया। कई आईएएस अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों के अनुसार 2014 और 2017 बैच के दो अधिकारियों के नाम की चर्चा है।




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