छुट्टी के दिन भी ऑफिस पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, बोले- इलाज में अमीर-गरीब, जात-पात नहीं देखना
स्वास्थ्य मंत्री का पदभार ग्रहण करने के दूसरे दिन छुट्टी के बावजूद निशांत कुमार अपने कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर अहम निर्देश दिए। निशांत ने कहा कि चाहे अमीर हो या गरीब, या किसी भी जाति का व्यक्ति हो, सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करानी है।
Nishant Kumar: बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पदभार ग्रहण करने के बाद फुल फॉर्म में नजर आ रहे हैं। शनिवार को छुट्टी के दिन भी वह ऑफिस पहुंच गए और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग को बेहतर बनाने की पूरी कोशिश करेंगे। इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं देने में अमीर-गरीब, जात-पात नहीं देखना है। गांव हो या शहर, सब जगह बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की पूरी कोशिश रहेगी।
जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने शुक्रवार को ही पदभार संभाला था। इसके दूसरे दिन शनिवार को छुट्टी होने के बावजूद वह विभाग में पूरी तरह सक्रिय रहे। शनिवार और रविवार को सचिवालय के कार्यालयों में साप्ताहिक अवकाश रहता है।
निशांत ने सुबह अपने विभागीय कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक की। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों में हर संभव इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से भी बात की। निशांत ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे वह ईमानदारी से निभाने की कोशिश कर रहे हैं। चाहे अमीर हो, गरीब हो कोई भी हो, किसी भी जाति का हो, सबको बेहतर स्वास्थ्य सेवा दे सकें। हर जगह पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना हमारा लक्ष्य है।
पहले दिन अफसरों को 11 पॉइंट पर निर्देश
निशांत कुमार ने शुक्रवार को भी पदभार ग्रहण करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। इसमें उन्होंने विभाग के कार्यों की पूरी जानकारी ली और अफसरों को 11 पॉइंट में निर्देश दिए थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों से भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने, हर जगह बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने, मरीजों के डेटा को डिजिटलाइज करने, उनसे फीडबैक लेने, अस्पतालों एवं कार्यालयों में रिक्त पदों को भरने, ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने जैसे मुद्दों पर निर्देश दिए।
बता दें कि निशांत कुमार ने दो महीने पहले ही सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। उनके पिता नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व में गठित नई सरकार में निशांत को डिप्टी सीएम पद ऑफर किया गया था। हालांकि, उन्होंने पहले सरकार में शामिल होने से मना कर दिया था।
पिछले दिनों कैबिनेट विस्तार के बाद जदयू के वरीय नेताओं ने उनसे मंत्री बनने का आग्रह किया, तो वे मान गए। निशांत अभी बिहार विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने गुरुवार को मंत्री पद की शपथ ली है। आगामी महीनो में पार्टी उन्हें एमएलसी बनाकर सदन में भेजेगी। मंत्री पद पर बने रहने के लिए निशांत को 6 महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद में से किसी भी सदन की सदस्यता लेना अनिवार्य होगा।




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