बिहार में बनाही स्टेशन के पास बड़ा हादसा, भेड़ों की झुंड को ट्रेन ने रौंदा; 400 से ज्यादा की मौत
भेड़ों के पास कुत्ता - सियार सहित तथा अन्य जानवर जुट गए और दहाड़ व झगड़ा जैसी स्थिति वहां बन गई। इससे भेड़ों का समूह रेल ट्रैक की ओर एकाएक भागने लगा। रेल पटरी पर ट्रेन आ रही थी। इससे मौके पर ही 404 भेड़ें कट गईं। करीब 20 भेड़ घायल हो गईं जिनका इलाज चल रहा है।

बिहार के भोजपुर जिले में बड़ा हादसा हो गया है। दानापुर रेल मंडल के सिकरिया हाल्ट के नजदीक शुक्रवार की देर रात करीब ढाई बजे रेल ट्रैक पर ट्रेन से कटकर सात भेड़पालकों के 404 भेड़ों की मौत हो गई। एक भेड़ की कीमत करीब 8000 रुपये बताई जा रही है। भेड़ पालकों ने बताया कि समूह में करीब 600 भेड़ थे।
इन्होंने बताया कि एक भेड़ की कीमत करीब 8000 है। ऐसे में लगभग इन्हें 32 लाख रुपये की क्षति हुई है। इससे भेड़ पालकों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। बिहिया थाना के बनकट गांव निवासी भेड़पालक भारत पाल, जगदीश भगत, उदय नारायण पाल, मारकंडे पाल, मनभरण पाल, जितेंद्र पाल और श्रीभगवान पाल ने बताया कि सिकरिया नदी में पानी होने के वजह से भेड़ रात में खेत में ही थे। रात भर बारिश हो रही थी।
इसी दौरान करीब 2:15 बजे भेड़ों के पास कुत्ता - सियार सहित तथा अन्य जानवर जुट गए और दहाड़ व झगड़ा जैसी स्थिति वहां बन गई। इससे भेड़ों का समूह रेल ट्रैक की ओर एकाएक भागने लगा। रेल पटरी पर ट्रेन आ रही थी। इससे मौके पर ही 404 भेड़ें कट गईं। करीब 20 भेड़ घायल हो गईं जिनका इलाज चल रहा है।
ग्रामीण ने बताया कि आरपीएफ की टीम ने मौके पर आकर घटना की जानकारी ली है। उन्होंने घटना की जांच-पड़ताल भी की है। घटना के संबंध में गांव वालों ने सर्किल अफसर और स्थानीय विधायक राहुल तिवारी को भी जानकारी दी है। गांव वालों का कहना है कि सभी लोग मदद के लिए तैयार हैं। ग्रामीणों ने बताया कि भेड़ पालकों का यह मुख्य रोजगार है और वो इसी से अपनी आजीविका चलाते हैं। इनके पास खेत भी नहीं है। इनके पूर्वज भी भेड़ पालते थे और यह लोग भी भेड़ ही पालते हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद कुछ देर के लिए इस लाइन पर ट्रेनों का परिचालन भी बाधित हुआ है। बाद में भेड़ों के शवों को हटाकर परिचालन शुरू कराया गया है।




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