Fought the election on his own face now coming to Delhi Congress taunts Nitish Kumar for Rajya Sabha चुनाव अपने चेहरे पर लड़ा, अब दिल्ली आ रहे हैं; नीतीश के राज्यसभा जाने पर कांग्रेस का तंंज, Bihar Hindi News - Hindustan
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चुनाव अपने चेहरे पर लड़ा, अब दिल्ली आ रहे हैं; नीतीश के राज्यसभा जाने पर कांग्रेस का तंंज

नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने के लिए नामांकन दाखिल कर दिया जिससे बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सचिन पायलट समेत विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे ‘दिल्ली के दबाव’ का परिणाम और बिहार की जनता से धोखा करार दिया है।

Thu, 5 March 2026 04:07 PMsandeep एएनआई, पटना
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चुनाव अपने चेहरे पर लड़ा, अब दिल्ली आ रहे हैं; नीतीश के राज्यसभा जाने पर कांग्रेस का तंंज

बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला। पिछले करीब दो दशकों से राज्य की राजनीति के केंद्र और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला कर लिया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

नीतीश कुमार के इस फैसले पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव अपने चेहरे पर लड़ा और जनता से जनादेश हासिल किया। ऐसे में अब उनका मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाना कई सवाल खड़े करता है। पायलट ने पूछा कि आखिर वह किसके दबाव में यह फैसला ले रहे हैं।

सचिन पायलट ने नीतीश कुमार के राजनीतिक इतिहास पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार कई बार अपना राजनीतिक रुख बदल चुके हैं। कभी वह एक गठबंधन के साथ रहते हैं तो कभी दूसरे के साथ। अब वह दिल्ली की राजनीति की ओर जा रहे हैं, ऐसे में आगे क्या होता है यह देखना होगा।

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करीब 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके नीतीश कुमार के इस कदम को राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो हिंदी पट्टी के इस अहम राज्य में भाजपा सीधे तौर पर सरकार की कमान संभालती नजर आ सकती है।

इधर, नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपने फैसले की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से लेकर अब तक बिहार की जनता ने उन पर भरोसा जताया और उसी विश्वास के बल पर उन्होंने राज्य की सेवा की। नीतीश ने लिखा कि उनकी हमेशा से इच्छा रही है कि वह लोकतंत्र के सभी प्रमुख सदनों—विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा—के सदस्य बनें। इसी अधूरी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है।

इस सियासी घटनाक्रम के बीच जेडीयू के भीतर भी नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री आवास के बाहर कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और कई नेताओं ने माना कि नीतीश को मुख्यमंत्री पद पर बने रहना चाहिए था।

वहीं, इस घटनाक्रम के बीच नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में संभावित एंट्री को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें नई सरकार में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।

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