झुकने के बदले लड़े, AIMIM-बसपा ने साथ दिया; कांग्रेस के लापता MLA से तेजस्वी को उम्मीद
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए मतदान के बीच तेजस्वी यादव ने कहा कि संख्या कम होने के बावजूद उन्होंने बीजेपी के सामने झुकने के बजाय चुनाव लड़ना चुना। उन्होंने बताया कि बहुजन समाज पार्टी और AIMIM ने उनके उम्मीदवार को समर्थन दिया है।

बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए बिहार विधानसभा में वोटिंग जारी है। मतदान के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें छह वोटों की दरकार थी। एनडीए को तीन वोट की जरूरत थी। फिर भी हमने लड़ना पसंद किया और भाजपा के सामने झुकना पसंद नहीं किया, हम लड़ते रहेंगे। हमने प्रत्याशी दिया है, बसपा और एआईएमआईएम ने हमारा समर्थन किया। छह वोटों की कमी को उन लोगों ने पूरा किया।
वहीं कांग्रेस के 2 विधायकों के गायब होने के सवासल पर तेजस्वी ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। सभी आकर मतदान करेंगे, यह हमारी अपेक्षा है। बीजेपी का काम ही अफवाह फैलाना है। आपको बता दें कांग्रेस के दो विधायक अब तक वोट डालने नहीं पहुंचे हैं। विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा और मनोज विश्वास से पार्टी नेताओं का भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
एनडीए के 5 और आरजेडी का एक प्रत्याशी
एनडीए की तरफ से बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, RLM के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और बीजेपी के प्रदेश महामंत्री शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया गया है। इसमें चार कैंडिडेट नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा की जीत तय है। जबकि शिवेश राम और एडी सिंह के बीच पांचवीं सीट के लिए मुकाबला होना है।
जानकारी के मुताबिक शाम 4 बजे तक वोट डाल पाएंगे। इसके बाद शाम 5 बजे से गिनती होगी। आज ही नतीजे आ जाएंगे। राज्यसभा की 5 सीटों के लिए मैदान में 6 कैंडिडेट हैं। इसके चलते वोटिंग की नौबत आई है। एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत है। NDA के पास 202 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में हर विधायक वोट करने के बाद अपनी पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि को दिखाएंगे कि उन्होंने किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है। इसके बाद ही मतदान वैध माना जाएगा। मतदान कक्ष में हर पार्टी के प्रतिनिधि उपलब्ध हैं।
बैगनी स्कैच पेन का इस्तेमाल
पहली वरीयता के आधार पर जीत का फैसला नहीं होगा तो दूसरी वरीयता के वोट की गिनती शुरू होगी। दूसरी वरीयता के वोट की गिनती सिर्फ उस सीट के लिए होगी, जिस पर फैसला प्रथम वरीयता के आधार पर नहीं हो सका है। पहली वरीयता के 41 वोट एक सीट पर जीत के लिए आवश्यक है। मतदान कक्ष के अंदर मोबाइल आदि को ले जाने की इजाजत विधायकों को नहीं होगी। मतदान कक्ष में रखी बैगनी स्कैच पेन का उपयोग ही विधायकों को मतदान में करना है। किसी और पेन से मतदान करने की इजाजत नहीं होगी।




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