बिहार में 15 साल की लड़की ने थाने में खाया विषैला पदार्थ, प्रेमी को जेल भेजे जाने से थी आहत
करीब आठ बजे महिला सिपाही किसी काम से बैरक से निकल गई। इसी दौरान किशोरी की हालत गंभीर हुई। पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि किशोरी ने सदर अस्पताल में ही झाड़ी से किसी तरह की दवा की शीशी उठा ली थी।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में प्रेमी को जेल भेजे जाने से आहत 15 वर्षीय किशोरी ने जैतपुर थाने के महिला बैरक में मंगलवार की रात को विषैला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश की। इससे उसकी हालत गंभीर हो गई। पुलिस पहले उसे सरैया सीएचसी ले गई। वहां से उसे एसकेमसीएच रेफर कर दिया गया। पुलिस अभिरक्षा में किशोरी का इलाज चल रहा है। उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। दरअसल, एक अगस्त से लड़की लापता थी। 10 अगस्त को उसके अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। किशोरी को पुलिस ने एक दिन पहले सोमवार को बरामद किया था।
करजा थाना के रूपवाड़ा गांव निवासी उसके कथित प्रेमी को भी गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को पुलिस ने सदर अस्पताल में किशोरी की मेडिकल जांच कराई। वहीं उसके प्रेमी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। प्रेमी के जेल जाने से किशोरी आहत थी। मेडिकल में विलंब होने के कारण पुलिस उसका न्यायालय में बयान दर्ज नहीं करा पाई। अब उसे बुधवार को बयान के लिए कोर्ट में पेश करना था। कोर्ट से वापस लाई गई किशोरी को आईओ महिला दारोगा साक्षी कुमारी ने महिला सिपाहियों के साथ बैरक में रखा था।
करीब आठ बजे महिला सिपाही किसी काम से बैरक से निकल गई। इसी दौरान किशोरी की हालत गंभीर हुई। पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि किशोरी ने सदर अस्पताल में ही झाड़ी से किसी तरह की दवा की शीशी उठा ली थी। थाने के शौचालय में जाकर उसने वही दवा खा ली। ओवरडोज से हालत गंभीर हुई। पुलिस का कहना है कि इलाज के दौरान उसकी हालत में सुधार हो रही है।
10 अगस्त को दर्ज कराया गया था अपहरण का मामला
किशोरी की मां ने 10 अगस्त को बेटी के अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस को बताया कि बेटी जैतपुर थाना के एक गांव स्थित ननिहाल में रहकर मवि. में पढ़ती है। एक अगस्त को विद्यालय गई, लेकिन वापस नहीं आई। किशोरी की नानी व परिवार के लोग उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। किशोरी की मां ने बेटी के अपहरण के केस में करजा थाना के रूपवाड़ा रुपौली गांव निवासी नीरज कुमार, राकेश कुमार, दुर्गा राम, सीमा कुमारी समेत पांच लोगों को नामजद आरोपत बनाया था। महिला दारोगा साक्षी कुमारी को केस में आईओ बनाया गया।
SSP सुशील कुमार ने बताया कि किशोरी को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया था। जहां उसने किसी तरह की दवा की शीशी उठा ली। उसी दवा के ओवरडोज के कारण उसकी हालत गंभीर हुई है। इलाज से अब उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है।




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