पहले बेटी की हत्या फिर प्रेमी से सुसाइड नोट लिखवा उसे भी मार डाला, बिहार में पिता और मामा का खूनी खेल
दोनों शवों को रस्सी के सहारे पेड़ से लटका दिया गया। सुसाइड नोट को अखिलेश के मोबाइल कवर में छिपा दिया गया था। करीब पांच माह बाद 22 जनवरी को जंगल में लकड़ी काटने गए लोगों ने दोनों के कंकाल देखे, जिनकी पहचान मोबाइल और चप्पल से हुई।

बिहार में पश्चिम चंपारण जिले के लौकरिया थाना क्षेत्र के मदनपुर जंगल से करीब सवा दो माह माह पूर्व प्रेमी युगल के कंकाल बरामदगी मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। अपनी बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज पिता मदन बिन ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर दोनों की हत्या थी। हॉरर किलिंग के इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को किशोरी के पिता मदन बिन और उसके मामा जितेंद्र निषाद उर्फ जीतन (यूपी के खड्डा निवासी) को गिरफ्तार किया। अन्य आरोपियों की खोज हो रही है।
बगहा के आरक्षी अधीक्षक रामानंद कौशल ने बताया कि किशोरी का पिता मदन बिन अपनी पुत्री के प्रेम-प्रसंग से नाराज था। उसने हत्या की साजिश फिल्मी अंदाज में रची। आठ सितंबर, 2025 को मदन बिन लकड़ी और पत्ता काटने के बहाने अपनी पुत्री को मदनपुर जंगल ले गया। वहां उसके मामा जितेंद्र और पिता के अन्य मित्र पहले से मौजूद थे। उन्होंने किशोरी से फोन करवाकर उसके प्रेमी अखिलेश यादव को जंगल में बुलवाया। अखिलेश के पहुंचने से पहले ही आरोपियों ने किशोरी की गला दबाकर हत्या कर दी।
सुसाइड नोट लिखवाया, हत्या कर पेड़ पर टांगा
अखिलेश यादव के जंगल पहुंचने पर आरोपियों ने पकड़कर उसकी पिटाई की। इसके बाद डरा-धमकाकर उससे एक सुसाइड नोट लिखवा लिया, ताकि हत्या को आत्महत्या का रूप दिया जा सके। इसके बाद उसकी भी गला दबाकर हत्या कर दी गई और दोनों शवों को रस्सी के सहारे पेड़ से लटका दिया। सुसाइड नोट को अखिलेश के मोबाइल कवर में छिपा दिया गया था। करीब पांच माह बाद 22 जनवरी को जंगल में लकड़ी काटने गए लोगों ने दोनों के कंकाल देखे, जिनकी पहचान मोबाइल और चप्पल से हुई।
कातिल पिता ने बचाव में दर्ज कराया था अपहरण का केस
वारदात को अंजाम देने के बाद पिता मदन बिन ने खुद को बचाने के लिए 10 सितंबर को अखिलेश यादव और उसके परिजनों पर अपनी पुत्री के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करा दी थी। पुलिस शुरुआती दौर में युवक के परिजनों को परेशान करती रही। युवक की मां पुलिस से लगातार गुहार लगाती रही कि किशोरी के परिजन उसके बेटे को घर से खींचकर ले गए हैं, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी। अंततः पीड़ित मां ने कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट के हस्तक्षेप और पुलिस की सक्रियता के बाद अब इस हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ है।




साइन इन