बिहार में रिकॉर्ड 8560 मेगावाट बिजली खपत, 20 साल में 12 गुना डिमांड बढ़ी
बिजली की खपत में लगातार वृद्धि हो रही है। 20 वर्षों में बिहार में बिजली की खपत 12 गुना बढ़ गई है। वर्ष 2005 में राज्य में 700 मेगावाट बिजली की खपत हुआ करती थी। इस वर्ष जून में यह बढ़कर 8428 मेगावाट तक पहुंच गई थी।

बिहार में लोग गर्मी का प्रकोप झेल रहे हैं। कई जिलों में गर्मी की वजह से राज्य में बिजली की रिकॉर्ड खपत हो रही है। बिहार में रिकॉर्ड बिजली की खपत हुई है। शनिवार की रात 9.07 मिनट पर 8560 मेगावाट बिजली की खपत हुई जो अब तक का अधिकतम है। इसमें दक्षिण बिहार में 4393 मेगावाट तो उत्तर बिहार में 4167 मेगावाट की खपत हुई। इससे पहले 12 जून को 8428 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी।
बिजली की खपत में लगातार वृद्धि हो रही है। 20 वर्षों में बिहार में बिजली की खपत 12 गुना बढ़ गई है। वर्ष 2005 में राज्य में 700 मेगावाट बिजली की खपत हुआ करती थी। इस वर्ष जून में यह बढ़कर 8428 मेगावाट तक पहुंच गई थी। अब 85 सौ मेगावाट का भी आंकड़ा पार कर गई। इस साल 9 हजार मेगावाट तक खपत होने की संभावना है।
कंपनी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार बिजली की मांग में साल-दर-साल वृद्धि हो रही है। 2005 में मात्र 700 मेगावाट बिजली की खपत होती थी। 2012 में 1751 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी। 2014 में 2831 मेगावाट खपत हुई। राज्य में प्रति व्यक्ति ऊर्जा की खपत में करीब 5 गुना की वृद्धि बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2005 में ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 75 किलोवाट थी जो 2025 में बढ़कर 363 किलोवाट हो गई। राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या दो करोड़ 15 लाख से अधिक हो गई है।




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