अफ्रीकी देशों में फैले इबोला से बिहार में कितना खतरा? स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, क्या हैं वायरस के लक्षण
बिहार के सभी 38 जिलों में अफ्रीकी देशों से बिहार आने वाले लोगों अथवा ऐसे लोगों के संपर्क में आने वाले संदिग्ध मरीजों के स्वास्थ्य की जांच के लिए दिशा निर्देश दिये गये। साथ ही, इबोला के लक्षण वाले मरीजों के इलाज को लेकर एक एसओपी भी बनाई गई है।

अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस के भारत में प्रवेश के साथ बिहार में इससे बचाव को लेकर सभी जिलों को अलर्ट किया गया है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के तहत संचालित राज्य स्वास्थ्य समिति में इबोला वायरस के खतरे को लेकर बैठक आयोजित की गई। इसमें एक दिन पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की जारी स्वास्थ्य सलाह (हेल्थ एडवाजरी) पर चर्चा हुई। इसके बाद बिहार के सभी 38 जिलों में अफ्रीकी देशों से बिहार आने वाले लोगों अथवा ऐसे लोगों के संपर्क में आने वाले संदिग्ध मरीजों के स्वास्थ्य की जांच के लिए दिशा निर्देश दिये गये। साथ ही, इबोला के लक्षण वाले मरीजों के इलाज को लेकर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी बनाई गई है। इसके तहत इबोला से पीड़ित संदिग्ध मरीज को सबसे पहले चिह्नित करते हुए उसे आइसोलेट किया जाना है। उसकी ट्रेवल हिस्ट्री (यात्रा इतिहास) आदि भी देखी जाएगी। अस्पताल में ऐसे मरीज के पहुंचने पर एसओपी का पूर्णत: पालन होगा। स्वास्थ्य समिति ने बुखार, दस्त, उल्टी आदि दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।
इबोला वायरस एक अत्यधिक संक्रामक और घातक वायरस है जो मुख्य रूप से मध्य और पश्चिमी अफ्रीका में इंसानों और अन्य प्राइमेट्स को संक्रमित करता है। यह संक्रमित व्यक्ति के रक्त या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों (जैसे पसीना, मल या उल्टी) के सीधे संपर्क में आने से तेजी से फैलता है। एक अनुमान के मुताबिक, अफ्रीकी देशों (मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका, सूडान, और दक्षिण सूडान) में लगभग 70 हजार से अधिक बिहारी मूल के लोग रहते हैं। अकेले दक्षिण अफ्रीका में ही लगभग 63 हजार भोजपुरी बिहारी समुदाय के लोग बसे हुए हैं।
अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाये जाएंगे
राजधानी पटना के हॉस्पिटल में अलग वार्ड बनाने की तैयारी भी शुरू है। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभी यहां पर कोई केस पकड़ में नहीं आया है। इसके लिए अलग वार्ड रहेगा। वहीं आईजीआईएमएस के मीडिया प्रभारी डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार दिशा निर्देश आते ही हम लोग तैयारी शुरू कर देंगे। अभी तक राज्य स्तर पर दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया है लेकिन, जल्द ही स्वास्थ्य विभाग इस पर ठोस निर्णय लेगा।
इबोला के क्या हैं लक्षण
● शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जो धीरे-धीरे बहुत गंभीर हो जाते हैं
● अचानक तेज बुखार और अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों, सिर और गले में दर्द
● उल्टी, दस्त और पेट दर्द, आंतरिक-बाहरी रक्तस्राव (नाक या मसूड़ों से खून बहना)




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