ईरान-अमेरिका युद्ध का असर, बिहार में गैस आपूर्ति प्रभावित; SP-DM को सख्त फरमान जारी
घरेलू गैस सिलेंडर के लिए वितरकों के यहां उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। वितरकों के यहां आने वाले ज्यादातर लोगों की शिकायत यह थी कि उनका गैस का नंबर नहीं लग रहा है। बहादुरपुर के मूलचंद पथ स्थित अवध राज एजेंसी में मौजूद उपभोक्ता गैस का नंबर नहीं लगने की शिकायत लेकर आए थे।

ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद जारी युद्ध का असर घरेलू गैस की आपूर्ति पर पड़ने लगा है। नतीजतन व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद है तो घरेलू में कटौती हो गई है।पटना में भी गैस के लिए मारामारी वाली स्थिति बनने लगी है। घरों से लेकर होटल-रेस्त्रां तक में कमी महसूस की जा रही है। मंगलवार को सुबह से शाम तक लोग गैस सिलेंडर के लिए वितरकों और वेंडरों के पीछे भटकते दिखे। एजेंसियों में शिकायतकर्ताओं की भीड़ सुबह से लगी रही। आपूर्ति जल्द नहीं सुधरी तो आनेवाले दिनों में संकट बढ़ना तय है।
व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित
19 किलोग्राम के गैर घरेलू व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सात मार्च से बाधित हो गई है। इसका असर खाने-पीने की छोटी दुकानों के साथ बड़े होटलों तक पर पड़ने लगा है। कंकड़बाग के होटल अल्काजार्स इन के कुमार संजीव ने बताया कि उनके रेस्टोरेंट में मंगलवार को व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई। होटल एमल्फी के संचालक आरके सिंह के मुताबिक स्टॉक में मौजूद सिलेंडरों से काम चल रहा है। बड़े सिलेंडरों की आपूर्ति में भी कमी आयी है। घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में लगभग 25 फीसदी की कमी आई है।
सब्जीबाग स्थित सुरुचि होटल के अरुण कुमार बताते हैं कि यदि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति ठीक नहीं हुई तो जल्दी ही छोटे रेस्टोरेंटों और होटलों का शटर डाउन होने लगेगा। सिलेंडरों की व्यवस्था में अभी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। इससे पटना में मिठाइयों सहित अन्य उत्पादों की कीमतें बढ़ने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
किल्लत कब दूर होगी, वितरक नहीं बता रहे
व्यावसायिक गैस सिलेंडर पहले आराम से मिल जाते थे। अब कई एजेंसियों में भटकने के बाद भी नहीं मिल रहा है। एलपीजी गैस की किल्लत कब दूर होगी, व्यावसायिक गैस की आपूर्ति कब तक ठीक हो सकेगी। इस बाबत न तो गैस वितरकों और न ही तेल विपणन कंपनियों के अधिकारी स्पष्ट जानकारी दे रहे हैं। वितरक बता रहे हैं कि 19 किलो वाले सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है।
वितरकों के यहां उमड़ रही भीड़
घरेलू गैस सिलेंडर के लिए वितरकों के यहां उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। वितरकों के यहां आने वाले ज्यादातर लोगों की शिकायत यह थी कि उनका गैस का नंबर नहीं लग रहा है। बहादुरपुर के मूलचंद पथ स्थित अवध राज एजेंसी में मौजूद उपभोक्ता गैस का नंबर नहीं लगने की शिकायत लेकर आए थे।
कुछ लोग अपने साथ मोबाइल लेकर एजेंसी के कर्मचारियों को ही नंबर लगाने को कह रहे थे। वहीं गर्दनीबाग स्थित सत्या गैस एजेंसी दोपहर सवा 12 बजे उपभोक्ताओं से खचाखच भरा रहा। यहां मौजूद एक पुलिस पदाधिकारी केवाईसी कराने के बावजूद नंबर नहीं लगने की शिकायत कर रहे थे। वे एजेंसी कर्मियों को बिना नंबर लगे ही गैस सिलेंडर देने की बात कह रहे थे। वे बता रहे थे कि उनका गैस सिलेंडर समाप्त हो गया है और नंबर नहीं लग रहा है। यहीं गर्दनीबाग के एसके सिन्हा कर्मियों को बता रहे थे कि 10 फरवरी को पिछला सिलेंडर लिए थे लेकिन अभी बुकिंग नहीं हो रही है। महात्मा गांधी नगर के अंजली फ्लेम्स में आए उपभोक्ताओं ने बताया कि कंपनियों के टॉल फ्री नंबर बंद होने या अभी उपलब्ध नहीं होने की सूचना मिल रही है।
तीन से पांच दिनों में अब मिल रहा गैस सिलेंडर
गैस का नंबर लगाने के बाद पहले 24 घंटे के अंदर सिलेंडर की आपूर्ति हो जाती थी। अब आपूर्ति में तीन से पांच दिन का समय लग रहा है। गैस एजेंसियों के कर्मी बताते हैं कि गैस आवंटन का काफी दबाव है। जैसे-जैसे नंबर लगाया जा रहा है, वैसे-वैसे गैस सिलेंडर बांटा जा रहा है। शहर में कई परिवार जिनमें सदस्यों की संख्या ज्यादा है, उनके घरों में गैस सिलेंडर 18 से 20 दिनों में समाप्त हो रहा है।
शहर में गैस की किल्लत के कारण छोटे दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है। पहले 1000 से 1200 में सिलेंडर मिलता था। अब 2200 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। मुसल्लहपुर के मनोज रजक अंडा की दुकान चलाते हैं और छोटे सिलेंडर में गैस फिलिंग का काम करते हैं। गैस नहीं मिलने से दुकान बंद है। वहीं चौमिन की दुकान चलानेवाले बीएम दास के सोनू कुमार और बाजार समिति के पास चाय दुकानदार उदय कुमार ने बताया कि गैस नहीं मिलने से दुकान बंद है।
ओटीपी के आने के बाद भी नहीं मिला सिलेंडर
नया टोला फुलवारी के मो.रियाज ने बताया कि उनका गैस कनेक्शन दानापुर के वैष्णवी गैस एजेंसी का है। इसकी शाखा वाल्मी में है। वे मंगलवार की सुबह से गैस सिलेंडर लेने के लिए आए थे। कई बार समय देने के बाद साढ़े चार बजे गैस से भरी गाड़ी पहुंची। उन्हें गैस लेने के लिए ओटीपी भी मिल गया। लेकिन उन्हें गैस नहीं मिली। उन्होंने अंतिम सिलेंडर 19 फरवरी को प्राप्त किया था। बताया गया है कि अब उन्हें 15 मार्च को सिलेंडर मिलेगा।
कालाबाजारी पर डीएम-एसपी को नजर रखने का निर्देश
बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी डीएम-एसपी को जमाखोरी एवं कालाबजारी करने वाले तत्वों पर विशेष नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीआईजी विशेष शाखा ने पत्र लिखकर कहा है कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र में चल रहे युद्ध एवं तनावपूर्ण स्थिति के कारण अंतराष्ट्रीय स्तर पर गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की समस्या है। गैस एजेंसियों, विक्रेताओं एवं पेट्रोल पंपो पर भीड़-भीड़ बढ़ने की आशंका है। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए।
गैस खत्म होने का डर रसोईघर तक पहुंच गया है। नागेश्वरी कॉलोनी की रंजना संयुक्त परिवार में रहती हैं। उनके घर का सिलेंडर 22 दिन ही चलता है। उन्हें डर है कि उनका सिलेंडर एक से दो दिन में खत्म हो जाएगा। गैस की बुकिंग नहीं हो रही है। वहीं बोरिंग रोड की वीणा सिंह और रश्मि कुमारी ने बताया कि गैस कम जलाने के लिए खाने के व्यंजनों को कम रही हूं। पहले गैस बुकिंग के बाद एक दिन में सिलेंडर मिल जाता था। लेकिन अभी तो बुकिंग नहीं हो रही। वहीं रेणु राय बताती हैं कि दस दिन पहले गैस की बुकिंग करायी थी। लेकिन अभी तक सिलेंडर नहीं मिला। वेंडर से पूछती हूं तो वह पल्ले झाड़ते हुए कहता है कि एजेंसी से पूछिये। शास्त्रीनगर की मंजू कुमारी और बोरिंग रोड की नीता सेठ ने कहा कि गैस खत्म होने की चिंता हमेशा लगी रहती है। गैस बचाने के लिए आज से इंडेक्शन चूल्हा का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।




साइन इन