DGP का ताजा फरमान, छापेमारी में SOP जरूरी ; STF जवान की शहादत पर ऐक्शन में बिहार पुलिस
किसी भी छापेमारी से पहले कम से कम क्षेत्र के सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को इसकी सूचना जरूर दी जाए। बुधवार को गृह विभाग और बिहार पुलिस मुख्यालय ने आगामी पर्व-त्योहारों के साथ ही पुलिस पर हमले की घटनाओं को लेकर समीक्षा की।

पुलिस पर हमले के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने छापेमारी को लेकर निर्धारित एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। डीजीपी विनय कुमार ने बुधवार को सभी क्षेत्रीय पुलिस पदाधिकारियों को एसओपी का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पूर्वी चंपारण में अपराधियों से मुठभेड़ में दो अपराधियों का एनकाउंटर और एक जवान की शहादत के बाद बिहार पुलिस कार्रवाई को लेकर सक्रिय हो गई। बिहार पुलिस के मुखिया ने साफ कर दिया है कि रेड करने पर इस एसओपी का पालन करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी छापेमारी से पहले कम से कम क्षेत्र के सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) को इसकी सूचना जरूर दी जाए। बुधवार को गृह विभाग और बिहार पुलिस मुख्यालय ने आगामी पर्व-त्योहारों के साथ ही पुलिस पर हमले की घटनाओं को लेकर समीक्षा की। ईद और नवरात्र पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से क्षेत्रीय पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गए। बैठक में मुजफ्फरपुर पुलिस फायरिंग से लेकर पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में नारकोटिक्स पुलिस टीम पर हमला और बिक्रम के रानीतालाब में अवैध बालू खनन रोकने को गई पुलिस टीम पर हमले के मामलों की समीक्षा की गयी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निर्देश जारी
बैठक में डीजीपी विनय कुमार के अलावा डीजी (अभियान) कुंदन कृष्णन, एडीजी (विधि व्यवस्था) पंकज दराद, एडीजी सीआईडी (कमजोर वर्ग) अमित कुमार जैन, एडीजी (रेलवे) कमल किशोर सिंह मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से क्षेत्रीय पदाधिकारी जुड़े।
● इलाके के सीआई और एसडीपीओ को प्राथमिक सूचना देना अनिवार्य
● आगामी पर्व त्योहार को लेकर पुलिसकर्मियों पर हमले की हुई समीक्षा
मुठभेड़ में बरतें सतर्कता
बुद्धा कॉलोनी थाने में नारकोटिक्स टीम पर हमला, बिक्रम के रानीतालाब में पुलिस पर बालू माफिया के हमले की रिपोर्ट पटना जिले के वरीय अधिकारियों से ली गयी। मोतिहारी पुलिस मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के प्रशिक्षित सिपाही की मृत्यु को देखते हुए छापेमारी और मुठभेड़ के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गए। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि इस कांड में अभियुक्तों के पास से पांच हथियार बरामद किए गए।
मुजफ्फरपुर कांड में आईओ के भूमिका की जांच होगी
मुजफ्फरपुर फायरिंग कांड की समीक्षा के दौरान पाया गया कि पॉक्सो एक्ट से जुड़े इस मामले में 60 दिन के भीतर अनुसंधान पूरा करना था, लेकिन दो साल बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। किस परिस्थिति में अनुसंधान पूरा नहीं हुआ? आरोपितों के खिलाफ कोर्ट से वारंट क्यों नहीं लिया गया? इसको लेकर मुजफ्फरपुर एसपी को आईओ की भूमिका की जांच का निर्देश दिया गया है। लापरवाही मिलने पर उनको निलंबित करते हुए कार्रवाई की जाएगी। इस कांड में आरोपितों पर एक नाबालिग लड़की पर चोरी का आरोप लगा कर उसके साथ बुरी तरह मारपीट करने का आरोप है। प्रताड़ना से तंग आकर नाबालिग ने आत्महत्या कर ली थी। कांड में सात-आठ लोग अभियुक्त बनाए गए थे। इनमें से मात्र एक अभियुक्त ने सरेंडर किया था।




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