नर्सिंग होम में डिप्टी कलेक्टर और डॉक्टर के बीच लप्पड़-थप्पड़, वीडियो वायरल; IMA ने चेताया
उपसमाहर्ता रामबाबू कुमार ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान मौजूद चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार एप्रन में नहीं थे और नाम बताने से बच रहे थे। पूछताछ के दौरान वे आक्रामक हो गए और उनके साथ 5-6 स्टाफ ने मिलकर टीम के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की।

बिहार के अररिया मं फारबिसगंज रेफरल रोड स्थित एक नर्सिंग होम में जांच के दौरान अधिकारियों की जांच टीम और चिकित्सक के बीच जमकर जमकर हाथापाई होने की घटना सामने आई है। घटना के बाद पूरे रेफरल अस्पताल रोड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में प्रशासन व पुलिस बल मौके पर पहुंचे। इस मामले में उपसमाहर्ता पर डॉक्टर पर हमला करने का आरोप लगाते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आन्दोलन की चेतावनी दी। शुक्रवार को डॉक्टर, कंपाउंडर और पैथोलॉजी के कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर काम किया।
जानकारी के अनुसार गुरूवार को डीएम के निर्देश पर वरीय उपसमाहर्ता रामबाबू कुमार के नेतृत्व में गठित टीम जांच के लिए फारबिसगंज पहुंची थी। टीम में फारबिसगंज सीओ पंकज कुमार, फारबिसगंज पीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव बसाक, नरपतगंज पीएचसी प्रभारी डॉ. दीपक कुमार सिंह, दारोगा संजीव कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी अविनाश कृष्ण सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। जांच के कारण जांच टीम डॉ. दीपक कुमार के नर्सिंग होम में पहुंची। टीम और डॉक्टर के बीच पहले कहासुनी हुई फिर बात हाथापाई तक पहुंच गयी।
उपसमाहर्ता रामबाबू कुमार ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान मौजूद चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार एप्रन में नहीं थे और नाम बताने से बच रहे थे। पूछताछ के दौरान वे आक्रामक हो गए और उनके साथ 5-6 स्टाफ ने मिलकर टीम के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की। कुछ समय के लिए बंधक बना लिया। वहीं आरोपी डॉ. दीपक कुमार का कहना था कि वे एक बच्चे की काउंसलिंग कर रहे थे। अधिकारियों ने कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार किया और पहले शारीरिक हमला किया, जिसके बाद वे स्टाफ के साथ मिलकर अपना बचाव किया।
सिविल सर्जन ने अधिकारियों की जांच टीम पर हमला करने और कुछ के घायल होने की पुष्टि की है। इधर घटना की सूचना पर फारबिसगंज एसडीओ अभय कुमार स्वयं दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, नाराजगी जताई और निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल दोनों पक्ष आमने-सामने हैं और मामले की जांच जारी है। मामले को लेकर अधिकारियों की जांच टीम फारबिसगंज थाने पर जमे हुए हैं। प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही थी। वहीं सिविल सर्जन भी घटना की सूचना पर थाना पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
हालांकि प्रथम दृष्टया सिविल सर्जन ने मेडिकल माफिया द्वारा अधिकारी पर हमला करने की बात कही और बाद में मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही । सिविल सर्जन डॉ. के.के. कश्यप ने बताया कि डीएम की ओर से जांच दल का गठन किया गया था और उसी क्रम में कार्रवाई की जा रही थी। इधर घटना को लेकर रेफरल अस्पताल रोड में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन एवं डॉक्टर आमने-सामने दिख रहे हैं। पहले कौन के जद्दोजहद पर लगातार बहस चल रही है। बताया जा रहा है की घटना को लेकर चिकित्सक भी गोलबंद होने लगे हैं।




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