गाड़ी के ट्रैफिक चालान का लिंक भेजकर साइबर फ्रॉड, मैसेज खोलते ही उड़ गए डेढ़ लाख रुपये
मुजफ्फरपुर में विक्की कुमार नाम के एक शख्स के फोन पर ट्रैफिक चालान का एक मैसेज आया। विक्ली ने जब मैसेज खोलकर उसमें दिए लिंक पर क्लिक किया तो तुरंत उनका फोन हैक हो गया। फिर उनके फोन पर ओटीपी आने लगे और अलग-अलग खातों से धड़ाधड़ डेढ़ लाख रुपये उड़ा लिए गए।

साइबर अपराधी आम लोगों को ठगने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। अगर आपके मोबाइल फोन पर भी गाड़ी के ट्रैफिक उल्लंघन का हवाला देते हुए चालान का लिंक आ रहा है, तो सावधान हो जाएं। साइबर शातिर अब ट्रैफिक चालान का मैसेज भेज कर बड़े पैमाने पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बिहार के मुजफ्फरपुर से आया है। यहां साइबर अपराधियों ने इसी तरीके से एक शख्स के बैंक खाते से डेढ़ लाख रुपये उड़ा लिए।
एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद बैंक अकॉउंट के आधार पर पुलिस साइबर अपराधियों का सुराग ढूंढ रही है। अहियापुर थाने के झपहां निवासी विक्की कुमार ने इसकी शिकायत दर्ज कराई है। विक्की ने पुलिस को बताया है कि बीते 1 अगस्त को उनके मोबाइल पर ट्रैफिक चालान का मैसेज आया था। उसमें बताया गया था कि आपकी गाड़ी ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है।
मैसेज खोलकर लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल पर ओटीपी आने लगा। इसके बाद मोबाइल हैक हो गया और साइबर शातिरों ने तीन बैंक खातों से करीब 1.5 लाख रुपए के निकासी कर ली। पहली बार में 50 हजार, फिर 11200 और 39000 की निकासी की गई है। बैंक में पता लगाने पर अलग-अलग बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिली।
इसको लेकर विक्की कुमार ने पहले साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अहियापुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। अहियापुर थाना अध्यक्ष रोहन कुमार ने बताया कि बैंक डिटेल के आधार पर साइबर अपराधियों का सुराग ढूंढा जा रहा है। अब तक का यह नया मामला सामने आया है कि ट्रैफिक चालान के नाम पर साइबर ठगी की जा रही है। संगठित रूप से ठगी रैकेट चलाए जाने की आशंका है।




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