Cyber fraud extorts Rs 17 lakh from retired officer pretending CBI investigation kept under house arrest सीबीआई जांच के नाम पर रिटायर अधिकारी से वसूले 17 लाख, 3 गिरफ्तार; वीडियो कॉल से रखा नजरबंद, Bihar Hindi News - Hindustan
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सीबीआई जांच के नाम पर रिटायर अधिकारी से वसूले 17 लाख, 3 गिरफ्तार; वीडियो कॉल से रखा नजरबंद

बदमाशों ने वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पीड़त को घर में नजरबंद रखा और धमकाते रहे। पैसे ट्रांसफर कर देने के बाद भी जब फ्रॉड आगे की मांग करने लगे तब जाकर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ।

Sat, 2 May 2026 08:48 AMSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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सीबीआई जांच के नाम पर रिटायर अधिकारी से वसूले 17 लाख, 3 गिरफ्तार;  वीडियो कॉल से रखा नजरबंद

Cyber Fraud: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक रिटायर अधिकारी को साइबर ठगों ने सीबीआई जांच के नाम पर डराकर 17 लाख रुपए ठग लिए। वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर घर में नजरबंद रखा और धमकाते रहे। पैसे ट्रांसफर कर देने के बाद भी जब फ्रॉड आगे की मांग करने लगे तब जाकर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ। साइबर थाने में शिकायत के बाद ऐक्शन में आई पुलिस न तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनके ठिकाने से कई राज्यों के बैंक पासबुक, एटीएम और फर्जरी से जुड़े अन्य सामान बरामद किए गए हैं। ठगी गिरोह में मुजफ्फरपुर के अलावे वैशाली जिसे के शातिर भी शामिल हैं।

साइबर फ्रॉड के शिकार मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा गांव निवासी भोला प्रसाद बिजली विभाग से अवकाश प्राप्त अधिकारी हैं। पुलिस को दिए आवेदन में उन्होंने बताया कि करीब तीन हफ्ते पहले उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से वीडियो कॉल आया। उन्होंने रिसीव किया तो फोन करने वाले ने बड़े रौब से बात की और खुद को सीबीआई का बड़ा अधिकारी बताया। उसने भोला प्रसाद को डरा दिया और कहा कि उनके खिलाफ जांच और बड़ी कार्रवाी चल रही है। आरोप लगाया कि बिजली विभाग की नौकरी में रहते हुए उन्होंने काफी गबन किया है। गुप्त तरीके से सीबीआई जांच में आरोप सत्य पाय जाने के कारण गिरफ्तारी वारंट निकल चुका है। कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। कॉलर ने धमकाया कि आपको वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट किया जा चुका है। कैमरे के सामने से हटे तो तुरंत पुलिस घर तक पहुंच जाएगी और गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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ऐसे हुआ शक

बदमाशों ने कहा कि उनके खिलाफ 17 लाख गबन का प्रमाण मिला है। अंगर दिए गए अकाउंट में यह राशि जमा करा दें तो गिरफ्तारी से बच सकते हैं। विभागीय कार्रवाई चलती रहेगी। राशि जमा करा देने से कार्रवाई में राहत मिलेगी। डर के मारे उन्होंने मांगी गई राशि अपने खाते से ट्रांसफर कर दिया। जब आगे भी उन्हें धमकाया गया और पैसों की डिमांड की तो उन्हें शक हो गया। जब उन्होंने सवाल पूछना शुरू किया तो फ्रॉड ने कॉल डिस्कनेक्ट कर नंबर को बंद कर दिया। उसके बाद उन्हें सच्चाई का पता चला।

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वैज्ञानिक जांच से चिन्हित हुए शातिर

पीड़ित ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया। साइबर डीएसपी हिमांशु के नेतृत्व में गठित टीम ने बैंक खातों की जांच करके स्थानीय शातिरों को चिन्हित किया और उनकी गिरफ्तारी की गई। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि साइबर टीम ने ट्रांजेक्शन पाथ, मोबाइल नंबर और अन्य तरीकों से वैशाली में छापेमारी की। पुलिस ठिकाने पर पहुंची तो दंग रह गई। ठिकाने पर इंटरनेशन कॉलिंग डिवाइस, कई राज्यों के बैंक खातों के सबूत और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले। मुजफ्फरपुर के मनियारी में भी छापेमारी करके विक्रम कुमार नाम के शातिर को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर बृजेश कुमार और कृष्ण कुमार की गिरफ्तारी की गई। सभी गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

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