बिहार में साइबर ठगों के निशाने पर मुखिया, आधा दर्जन जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर हुए हैक
Cyber Scam In Bihar: बिहार के कहलगांव प्रखंड में साइबर ठगों ने 6 मुखियाओं के मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिए हैं। ठगों ने खुद को पंचायती राज विभाग का अधिकारी बताकर हैकिंग की और फिर जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों से QR कोड के जरिए पैसों की लूट की।

Cyber Scam In Bihar: बिहार में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे आम जनता के साथ-साथ सीधे जनप्रतिनिधियों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला राज्य के भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड से सामने आया है, जहाँ पिछले तीन-चार दिनों के भीतर ठगों ने एक साथ करीब आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के मुखिया के मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिए हैं। हैकर्स मुखिया की पहचान का गलत इस्तेमाल कर उनके परिचितों और रिश्तेदारों से पैसों की मांग कर रहे हैं। इस डिजिटल सेंधमारी ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
इन पंचायतों के मुखिया बने शिकार
जानकारी के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र की धनौरा, एकचारी, भोलसर, रामपुर, कैरिया और मथुरापुर पंचायतों के मुखिया के मोबाइल नंबर हैक होने की पुष्टि हुई है। हैकर्स ने इन जनप्रतिनिधियों के व्हाट्सएप का एक्सेस हासिल कर लिया और उनके कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया। ठगों ने मुखिया बनकर किसी आपात स्थिति का हवाला दिया और लोगों से ऑनलाइन पैसे भेजने की गुहार लगाई।
QR कोड भेजकर की जा रही ठगी
ठगी का शिकार हुए धनौरा पंचायत के मुखिया दिलीप मंडल ने बताया कि साइबर ठगों ने उनके नाम पर रिश्तेदारों को व्हाट्सएप पर QR कोड भेजा। झांसे में आकर उनके एक रिश्तेदार ने 10 हजार रुपये और पंचायत के ही एक व्यक्ति ने 13 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुल 23 हजार रुपये की चपत लगने के बाद जब मुखिया को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। वहीं, भोलसर और कैरिया पंचायत के मुखिया ने भी व्हाट्सएप हैक होने की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से अपने परिचितों को दी ताकि कोई और ठगी का शिकार न हो।
पंचायती राज विभाग के नाम पर ठगी
हैक करने का तरीका भी बेहद शातिर है। एकचारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्हें एक संदिग्ध कॉल आया, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को पंचायती राज विभाग, पटना का अधिकारी बताया। ठग ने सरकारी सामान भेजने की बात कही और उसे रिसीव करने के लिए एक 15 अंकों के संदिग्ध नंबर पर कॉल करने को कहा। जैसे ही मुखिया ने उस नंबर पर रिस्पॉन्स दिया, उनका फोन हैक कर लिया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रसलपुर थाना पुलिस और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है।




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