cyber criminals giving 15 percent commission to mule account holder bank employees also involve 'खच्चर खाते' वालों को 15 फीसदी कमीशन, बैंककर्मियों की भी मिलीभगत; साइबर ठगी का खेल, Bihar Hindi News - Hindustan
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'खच्चर खाते' वालों को 15 फीसदी कमीशन, बैंककर्मियों की भी मिलीभगत; साइबर ठगी का खेल

ईओयू की जांच में पता चला है कि ग्रामीण इलाकों में म्यूल अकाउंट खुलवाने का सक्रिय संगठित गिरोह पहले जरूरतमंदों को चिह्नित करता है। फिर उनको खाते में आने वाली रकम का 10 से 15 फीसदी तक कमीशन का लालच देकर बैंक खाता खुलवाता है।

Mon, 5 Jan 2026 06:23 AMNishant Nandan हिन्दुस्तान, सुमित, पटना
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'खच्चर खाते' वालों को 15 फीसदी कमीशन, बैंककर्मियों की भी मिलीभगत; साइबर ठगी का खेल

साइबर अपराध के जरिए ठगी जाने वाली रकम को रखने वाले बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) खोलने का संगठित गिरोह बिहार में सक्रिय है। यह गिरोह जरूरतमंद गरीबों व छोटे व्यापारियों को लालच दिखा उनके नाम पर बैंक खाता खुलवाता है और फिर 10 से 15 फीसदी कमीशन पर साइबर अपराधियों को सौंप देता है। बिहार सरकार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच में यह बात सामने आयी है। इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के साथ ही ऑनलाइन गेम, ऑनलाइन सट्टा, फॉरेक्स ट्रेडिंग जैसी गतिविधियों में भी हो रहा है। ईओयू ने साइबर अपराध में प्रयुक्त संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान 616 म्यूल खातों को चिह्नित किया है, जिनमें संबंधित जिलों के एसपी को इन खातों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए गये हैं।

जीएसटी-सीएसआर रिफंड के नाम पर ले रहे खाते का नियंत्रण

ईओयू की जांच में पता चला है कि ग्रामीण इलाकों में म्यूल अकाउंट खुलवाने का सक्रिय संगठित गिरोह पहले जरूरतमंदों को चिह्नित करता है। फिर उनको खाते में आने वाली रकम का 10 से 15 फीसदी तक कमीशन का लालच देकर बैंक खाता खुलवाता है। इसके बाद गिरोह जीएसटी और सीएसआर रिफंड आदि के नाम पर उन खातों का नियंत्रण हासिल कर लेता है।

फिर बैंक खाते में ठगी की रकम आते ही तत्काल पैसे को निकाल कर सबमें उसका हिस्सा बांट देता है। इस गिरोह ने बैंककर्मियों की मदद से गांव के छोटे व्यापारियों का भी चालू खाता खुलवाया, जिसका साइबर ठगी में इस्तेमाल हुआ। ईओयू और साइबर थानों ने अब तक सैकड़ों म्यूल खातों में रकम को होल्ड कराया है। इन मामलों में बैंककर्मियों की भी गिरफ्तारी हुई है।

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म्यूल अकाउंट के विरुद्ध सीबीआई ने भी चलाया देशव्यापी अभियान

साइबर अपराध सहित म्यूल अकाउंट के विरुद्ध पिछले दिनों सीबीआई ने भी देशव्यापी ऑपरेशन चक्र चलाया था। जांच के दौरान एजेंसी को देश भर की 700 से अधिक बैंक शाखाओं में 8.5 लाख म्यूल खाते मिले, जिनमें करीब 50 हजार से अधिक बिहार के थे। साइबर अपराधी यूपीआई-आधारित धोखाधड़ी से मिली राशि को अस्थाई रूप से रखने और निकालने के लिए इन बैंक खातों का उपयोग कर रहे हैं। जांच में इन म्यूल खातों को खोलने में बैंकों से जुड़े अधिकारी, एजेंट, बैंक के कोरस्पॉन्डेंट आदि की भूमिका सामने आयी थी।

जांच में पता चला है कि चिह्नित म्यूल अकाउंट में बिहार ही नहीं, देश के कई हिस्सों में हुई साइबर ठगी से जुड़ी राशि भी आयी है। लगभग एक दर्जन ऐसे खाते चिह्नित किए गये, जिनमें 10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम आयी। इन खातों की शिकायत एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) के माध्यम से भी मिली थी। पैटर्न के मुताबिक छोटे व्यापारियों का चालू खाता खुलवाया जाता है ताकि खाते में बड़ी रकम आने पर भी निकासी में दिक्कत न हो। म्यूल खाते कंपनी या फर्म के नाम पर भी खोले जा रहे हैं, ताकि उसमें लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन किया जा सके। इनमें हर दिन लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन होने से म्यूल खाता देने वाले को कमीशन के तौर पर काफी पैसा मिलता है।

खाता संचालक भी साइबर अपराध में बराबर के भागीदार

ईओयू के मुताबिक जानबूझ कर म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले व्यक्ति भी साइबर अपराध में बराबर के भागीदार होंगे। उन पर भी अपराध से जुड़ी समान धाराएं लगेंगी और दोषी साबित होने पर सजा भी होगी। इकाई ने नागरिकों से अपील की है कि वे बैंक खातों के उपयोग में सतर्कता बरतें। किसी दूसरे या संदिग्ध व्यक्ति को इसका नियंत्रण न दें।

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