दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग का हेलीकॉप्टर से जलाभिषेक, इन 5 नदियों से आया जल
यह शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया के विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को स्थापित होगा। ये बातें श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी।

विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से गोपालगंज के रास्ते बिहार में प्रवेश कर गया है। ढाई हजार किमी से अधिक की दूरी तय कर पहुंचा शिवलिंग पांच जनवरी को गोपालगंज के बलथरी के लिए रवाना होगा। चैनपट्टी में इसका स्वागत होगा। यह शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया के विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को स्थापित होगा। ये बातें श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि ईशान-संहिता के अनुसार इसकी नरक निवारण चतुर्दशी के दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और पहली बार श्रद्धालुओं ने भगवान् शिव की पूजा शिवलिंग के रूप में की थी। उन्होंने दावा किया कि सहस्रशिवलिंग की स्थापना पिछले हजार वर्षों में नहीं हुई है। अत: यहां पर पीठ-स्थापना तथा अन्य कर्मकाण्ड में विशेष सावधानी रखी जा रही है। पवित्र नदियों, संगमों का जल तथा बालू-मिट्टी मंगायी जा रही है। मूल ग्रन्थों से पद्धति खोजकर उसका व्यवहार किया जाएगा।
शिवलिंग विराट रामायण मंदिर में स्थापित करने के पहले शिवलिंग की पीठ पूजा पं.भवनाथ झा की देखरेख में होगी। शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा बाद में होगी। प्रेसवार्ता में मंदिर के एसीईओ बीके मिश्रा, मंदिर अधीक्षक के सुधाकरण, पंडित भवनाथ झा आदि मौजूद थे। न्यास समिति के सचिव ने बताया कि गोपालगंज से शिवलिंग खजुरिया, हुसैनी होते हुए केसरिया पहुंचेगा। 17 जनवरी को स्थापना के मौके पर हेलीकॉप्टर से जलाभिषेक कराने की योजना है। साथ ही शिवलिंग का जलाभिषेक कराने के लिए पांच नदियों का जल मंगाया गया है। इसमें हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर, सोनपुर आदि शामिल है।




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