अपराधियों को मिलेगी 'कालापानी' सजा, वीरान पहाड़ पर हाई सिक्योरिटी जेल बना रही बिहार सरकार
बिहार में अपराधियों को कालापानी जैसी सजा देने की व्यवस्था की जा रही है। नीतीश सरकार ने एक दुर्गम इलाके में नया हाई सिक्योरिटी जेल बनाने जा रही है। यहां कैद होने वाले अपराधी बाकी दुनिया से पूरी तरह अलग हो जाएंगे।

बिहार में अब अपराधियों को कालापानी जैसी सजा देने की तैयारी चल रही है। बिहार सरकार एक नया हाई सिक्योरिटी जेल बनाने जा रही है, जहां कैदियों को बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग कर दिया जाएगा। यह जेल किसी दुर्गम इलाके में वीरान पहाड़ी पर बनाया जाएगा। यहां मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट भी नहीं पहुंचेगा। साथ ही जेल तक आने-जाने के लिए भी सिर्फ एक ही सड़क होगी, जिसके चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा रहेगी। ताकि कोई बाहरी व्यक्ति इसके आसपास भी नहीं आ सके।
बिहार के डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी जानकारी दी है। बिहार विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान शुक्रवार को सदन में उन्होंने नया हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की घोषणा की। बताया जा रहा है कि गंभीर और अति गंभीर श्रेणी के अपराधियों को रखने के लिए यह खास जेल बनाया जाएगा।
सम्राट चौधरी ने विधानसभा में संबोधन के दौरान कहा कि कई अपराधियों को जेल में रखने का बहुत नाटक होता है। इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देशानुसार सरकार ने नया हाई सिक्योरिटी जेल बनाने का निर्णय लिया है। यह जेल ऐसे पहाड़ पर बनाई जाएगी, जहां ना तो मोबाइल नेटवर्क आएगा और ना ही वहां कोई आ-जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि उस जेल में जिसे बंदी बनाया जाएगा, उसे बाहरी दुनिया से कोई मतलब नहीं रहेगा। उस अपराधी को दुनिया से अलग कर दिया जाएगा। यह कारागृह किस इलाके या जिले में बनेगा, इस बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
बिहार में अभी ऐसी कोई हाई सिक्योरिटी जेल नहीं है। हालांकि, भागलपुर सेंट्रल जेल को विशेष सुरक्षा वाली जेल बनाया गया है। यहां राज्य भर के दुर्दांत और कुख्यात अपराधियों को रखा जाता है।
क्या है ‘कालापानी’?
भारत में अंग्रेजों के शासन के दौरान अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह पर स्थित पोर्ट ब्लेयर में सेलुलर जेल थी। अंग्रेजों ने भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को मुख्य भूमि से कोसों दूर एकांत में रखने के लिए यह जेल बनाई थी। वहां पर कैदियों को अंधेरी काल कोठरियों में रखा जाता था। उन्हें जानवरों से भी बदतर यातनाएं दी जाती थीं। इसी के चलते उसे कालापानी की सजा कहा जाता था।
सभी जेलों की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की सभी जेलों की सीसीटीवी कैमरे से ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। जेल में बंद किस अपराधी से कब और कौन मिलने आया, इसकी जानकारी सरकार के पास रहेगी। उन्होंने कहा कि बिहार पहला राज्य है, जहां जेल के अंदर बंद कैदी सबसे ज्यादा पढ़ाई करते हैं।




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