किशनगंज का भ्रष्ट SHO पूर्व डीएसपी गौतम कुमार का राजदार, कमीशन लेता था; ईओयू ने बुलाया
छानबीन में सामने आया कि अभिषेक निलंबित एसडीपीओ के राजदार हैं। उनका स्थानीय बालू माफिया, एंट्री माफिया, शराब माफिया व तस्करों से गहरे संबंध हैं। उनके व्यापार को प्रश्रय देने के एवज में उनको नियमित रूप से कमीशन की बड़ी राशि मिलती थी।

आय से अधिक संपत्ति मामले के आरोपित किशनगंज नगर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन पर लगे आरोपों को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) उनसे पूछताछ करेगी। उनको नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए पटना स्थित ईओयू कार्यालय बुलाया जाएगा। ईओयू सूत्रों के मुताबिक आरोपित थानाध्यक्ष को अगले हफ्ते सोमवार को उपस्थित होने की नोटिस दी जा सकती है। पूछताछ के दौरान उनको अपने पक्ष में बयान व दस्तावेज पेश करने का मौका दिया जाएगा। थानाध्यक्ष पर अपने सेवाकाल में करीब 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां बनाने का आरोप है।
किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार पर दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले की छानबीन के दौरान ही अभिषेक रंजन ईओयू के निशाने पर आये। छानबीन में सामने आया कि अभिषेक निलंबित एसडीपीओ के राजदार हैं। उनका स्थानीय बालू माफिया, एंट्री माफिया, शराब माफिया व तस्करों से गहरे संबंध हैं। उनके व्यापार को प्रश्रय देने के एवज में उनको नियमित रूप से कमीशन की बड़ी राशि मिलती थी। यह राशि जमीन, मकान सहित अन्य नामी-बेनामी संपत्तियां जमा करने में निवेश की जाती थी।
बेनामी संपत्तियों का सत्यापन कर रही ईओयू
ईओयू को कांटी सहित पश्चिम बंगाल, दिल्ली एनसीआर सहित कई जगहों पर थानाध्यक्ष की नामी-बेनामी संपत्तियां होने की जानकारी मिली है। अलग-अलग टीम के माध्यम से इन संपत्तियों का सत्यापन कराया जा रहा है। सिलीगुड़ी स्थित फ्लैट से लेकर दार्जिलिंग रोड में खरीदी गयी जमीन के भुगतान स्त्रोत आदि को लेकर भी जांच चल रही है।
थानेदार की ससुराल से खाली हाथ लौटी पुलिस
ईओयू की एक टीम किशनगंज थानेदार के पश्चिम चंपारण में सिकटा स्थित ससुराल को भी खंगालने पहुंची थी। हालांकि, छापेमारी की भनक लग जाने की वजह से अधिक कुछ बरामद नहीं हो सका।आर्थिक अपराध इकाई की दो कार्रवाई में सिर्फ अधिकारी के नाम बदल रहे हैं, कारनामे एक जैसा ही पाये गये हैं। भ्रष्ट्राचार की सूची में पहले किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार, अब किशनगंज सदर के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन का नाम जुड़ा है। दोनों ने अपनी अवैध कमाई से संपत्ति का नेटवर्क ऐसा फैलाया है जिससे जैसे-जैसे परत हटती जा रही है, उतने ही हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं।
कुछ के काले कारनामों से पुलिस की छवि हो रही धूमिल
जिले में अच्छे और पुलिस की छवि को आदर्श बनाने वाले पुलिस कर्मी और अधिकारियों की भी लंबी फेहरिस्त है। लेकिन कुछ पुलिस अधिकारी के अवैध कारनामे के चलते इन दिनों किशनगंज जिले में पुलिस की छवि दागदार हो रही है। सरेआम चौक-चौराहे, दुकान से लेकर पंचायत के बैठक में आर्थिक अपराध ईकाई की कार्रवाई में मिली अकूत संपत्ति की चर्चा हो रही है। ऐसे में आदर्श पुलिसिंग की पहचान बने कई अफसरों को बेवजह की बातें झेलनी पड़ रही हैं। किशनगंज के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन पर अपने सेवा काल के दौरान ज्ञात आय से 115 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप सामने आया है।




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