20 हजार घूस लेते सीओ गिरफ्तार, दाखिल-खारिज के लिए मांगा था 50 हजार; निगरानी टीम ने दबोचा
सीओ राकेश कुमार ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस पर पीड़ित ने इसकी शिकायत पटना की निगरानी टीम से की। सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने सीओ और कंप्यूटर ऑपरेटर को दबोच लिया।

बिहार के सहरसा में घूसखोर सीओ और कंप्यूट ऑपरेटर निगरानी के हत्थे चढ़ गया। जिले के पतरघट अंचल के सीओ राकेश कुमार एवं कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल कुमार को अंचल कार्यालय में ही 20 हजार रुपये रिश्वत लेते निगरानी ने शुक्रवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम सीओ को उसके मधेपुरा स्थित आवास पर ले गई। पूछताछ में बडे़ खुलासे की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई से सहरसा के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
गोलमा पूर्वी के करियात गांव निवासी कैलाश यादव ने जमीन के दाखिल खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें सीओ राकेश कुमार ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस पर पीड़ित ने इसकी शिकायत पटना की निगरानी टीम से की। शिकायत पर निगरानी ने मामले का सत्यापन कराया। निगरानी टीम कई दिनों से पतरघट अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रही थी, लेकिन सीओ मतदाता पुनरीक्षण कार्य में व्यस्त रहने के कारण अपने कार्यालय में बैठ नहीं रहे थे। शुक्रवार को प्रखंड सभागार में कई बैठक से फुर्सत होने पर शाम 6 बजे सीओ अपने अंचल कार्यालय स्थित अपने कार्यालय में बैठे। इसी दौरान योजना के तहत कैलाश यादव ने रिश्वत की राशि बीस हजार रुपये दिये। इसी दौरान निगरानी की टीम ने सीओ को गिरफ्तार कर लिया।
साथ ही अंचल कार्यालय के डाटा ऑपरेटर राहुल कुमार को भी निगरानी की टीम अपने साथ ले गई। निगरानी ब्यूरो की टीम का नेतृत्व अनुसंधानकर्ता पुलिस उपाधीक्षक विंध्याचल प्रसाद ने किया। गिरफ्तार अभियुक्तों को भागलपुर स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
बताते चलें कि निगरानी की भ्रष्टाचार के खिलाफ यह इस वर्ष की 52वीं प्राथमिकी है। इसमें यह ट्रैप संबंधी 43वां कांड है। अब तक कुल 47 अभियुक्तों को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, रिश्वत की राशि 17,12,000 रुपये जब्त की गई है।




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