बिहार सहित पूरे देश में आज दवा दुकानें बंद,ऑनलाइन बिक्री का विरोध; लाखों का कारोबार होगा प्रभावित
सरकार सरकारी अस्पतालों में 611 प्रकार की आवश्यक दवाओं को नि:शुल्क आपूर्ति करती है। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष परसन सिंह ने कहा कि पहली बार दवा कारोबारी किसी लाभ या हानि से इतर केंद्र सरकार की दवा विक्रय नीति के खिलाफ आंदोलन करेंगे।

बिहार सहित पूरे देश में ऑनलाइन दवा की बिक्री के खिलाफ थोक दवा कारोबार बुधवार को बंद रहेगा। इसे खुदरा दवा व्यापारी संघ एवं सेल्स रिप्रजेंटेटिव संघ का भी समर्थन प्राप्त है। इससे राज्य के सभी जिलों में दवा कारोबार प्रभावित रहने के आसार हैं। इससे बिहार में करीब 30 लाख का कारोबार प्रभावित होगा। दवा के थोक कारोबारियों से राज्य सरकार को पांच फीसदी अर्थात करीब 1.5 लाख टैक्स नुकसान होने का अनुमान है।
दवा कारोबारियों की बंदी के दौरान सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता रहेगी। सरकार सरकारी अस्पतालों में 611 प्रकार की आवश्यक दवाओं को नि:शुल्क आपूर्ति करती है। बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष परसन सिंह ने कहा कि पहली बार दवा कारोबारी किसी लाभ या हानि से इतर केंद्र सरकार की दवा विक्रय नीति के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
पटना समेत पूरे बिहार में जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे
पटना समेत पूरे बिहार में बुधवार को सभी 40 हजार दवा दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) की दवा दुकानें खुली रहेंगी। औषधि नियंत्रण प्रशासन के निर्देश पर रिटेलर एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है। एसोसिएशन के महासचिव सुरेश मित्तल ने मंगलवार को विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि औषधि नियंत्रण प्रशासन के ड्रग कंट्रोलर नित्यानंद किसलय और सहायक औषधि नियंत्रक प्रशासक चुनेंद्र महतो, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत सिंह के साथ हुई चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया।
ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध कर रहे दवा दुकानदारों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री का मुद्दा सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़ा है और घर-घर पहुंच रही दवाओं की गुणवत्ता तथा निगरानी को लेकर अभी स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि ऑनलाइन दवा व्यापार की आड़ में नकली, एक्सपायरी और गलत दवाओं के वितरण की संभावनाएं बढ़ रही हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इससे पहले ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (एआईओसीडी) ने सोमवार को कहा था कि दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री और कॉर्पोरेट कंपनियों से मिल रही कड़ी चुनौती के विरोध में देश भर के 15 लाख से अधिक दवा विक्रेता (केमिस्ट और ड्रगिस्ट) 20 मई को अपनी दुकानें बंद रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया थाा कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री देश के लिए खतरनाक हो गई है और इस पर प्राथमिकता के आधार पर रोक लगाने की जरूरत है। इसके अलावा, ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जाने वाली भारी छूट छोटे और खुदरा दवा विक्रेताओं के लिए काल साबित हो रही है।




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