नीट छात्रा मौत केस में CBI जांच की मांग, मौत से पहले दरिंदगी हुई थी; पुलिस की जांच पर कई सवाल
परिजनों ने फिर कहा है कि मौत से पहले छात्रा के साथ कई दरिंदों के द्वारा रेप किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इससे इनकार नहीं किया गया है।

पटना के हॉस्टल में रहने वाली जहानाबाद की छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। पटना पुलिस की छानबीन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों ने फिर कहा है कि मौत से पहले छात्रा के साथ कई दरिंदों के द्वारा रेप किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इससे इनकार नहीं किया गया है।
इस मामले में पटना पुलिस का अलग बयान आया था। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने छात्रा के के साथ प्राथमिक तौर पर सेक्सुअल असॉल्ट से इनकार किया था। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था। लेकिन बाद में मेडिकल रिपोर्ट से पता चला कि छात्रा के शरीर पर पर जख्म और खरोच के निशान मिले। करीब 10 स्थानों पर जख्म देखे गए। परिवार की ओर से एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों ने प्रभात मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टर डॉक्टर सतीश पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने पटना में प्रेस को बुलाकर बताया कि पटना पुलिस की छानबीन की दिशा वाजिब नहीं है। इस कांड की जांच सीबीआई से कराया जाना जरूरी है। छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में शंभू छात्रावास में रहती थी।
इस मामले में पटना पुलिस का नया बयान सामने आया है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा है कि पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से जो जानकारी मिली थी उसी के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही थी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गया है। पुलिस इसे ही सत्य मान रही है। आगे की छानबीन पोर्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस काफी बारिकी से सभी सबूतों और तथ्यों का अलोकन कर रही है।
एसएसपी ने यह भी कहा कि पुलिस डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। पता लगाया जा रहा है कि कोई मैसेज डिलीट तो नहीं किया गया है। जिन लोगों से ज्यादा बात होती थी उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
मृतका के मामा ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले को गैंगरेप के बाद हत्या करार देते हुए कहा कि उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को पहले आत्महत्या करार दे दिया अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा बदल रही है। पुलिस का दावा है कि कमरे से नींद की 90 गोलियां मिलीं। इतनी संख्या में नींद की गोलियां डॉक्टर के पुर्जे के बगैर किस फार्मेसी वाले ने दे दिया उसका पुलिस पता लगाए। दवा दुकानदार इतनी गोलियां किसी को एक साथ नहीं बेचता। मामा के अनुसार, डॉक्टर सतीश कुमार, प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल का प्रबंधन और एसएचओ रोशनी कुमारी ने मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा के परिवार को केस रफा-दफा करने के लिए 15 लाख रुपये तक का ऑफर दिया गया था। पूरी घटना एक सोची समझी साजिश है।




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