पटना-सासाराम फोर लेन सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू, बनारस जाना भी होगा आसान
पटना-भोजपुर-सासाराम कॉरिडोर बनने से पीरो, नौबतपुर, अरवल, सहार, हसन बाजार, संझौली और नोखा के लोगों को राहत मिलेगी। पटना से भोजपुर, अरवल, रोहतास होते हुए बनारस जाना आसान हो जाएगा।

पटना-भोजपुर-सासाराम फोरलेन सड़क निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई। ओमान की कंपनी गल्फर इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी ने एनएचएआई से एग्रीमेंट बाद काम शुरू किया है। एजेंसी जिला प्रशासन की मदद से अपने उपकरण के जरिए जमीन अधिग्रहण करने में जुट चुकी है। सासाराम एनएचएआई के अधिकारी अनुसार अभी काम भोजपुर-सासाराम में शुरू हुआ है। 32 किमी जमीन अधिग्रहण का काम हो चुका है। 80 फीसदी जमीन अधीग्रहित होने के बाद विधिवत सड़क निर्माण का काम शुरू हो पाएगा। बिहार में दरभंगा के बाद दूसरा यह नेशनल हाइवे बनेगा। पटना से शुरू होकर भोजपुर होते हुए सासाराम तक जाएगी। सड़क की लंबाई कुल 120 किमी होगी। यह फोरलेन सड़क है। इसके निर्माण से पटना से सासाराम का सफर चार घंटे के बदले दो घंटे में पूरा होगा।
कनेक्टिविटी बेहतर होगी
पटना-भोजपुर-सासाराम कॉरिडोर बनने से पीरो, नौबतपुर, अरवल, सहार, हसन बाजार, संझौली और नोखा के लोगों को राहत मिलेगी। पटना से भोजपुर, अरवल, रोहतास होते हुए बनारस जाना आसान हो जाएगा। पटना, भोजपुर, अरवल, रोहतास और सासाराम में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
पटना से सासाराम का सफर दो घंटे में
सासाराम से पटना के बीच का सफर स्टेट हाईवे-2 और स्टेट हाईवे-81 से पूरा होता है। लेकिन फोरलेन सड़क के बनने से इन दोनों शहरों के बीच की 120 किमी की दूरी महज दो घंटे में पूरी होगी। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। इस सड़क की डिजाइन एक्सेस-कंट्रोल्ड है। जिससे इसपर सीमित जगहों से प्रवेश और निकास होगा। इससे दुर्घटना की संभावना कम होगी।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक, अरविंद कुमार ने कहा कि पटना-भोजपुर-सासाराम सड़क का निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चयनित एजेंसी अपने उपकरण के साथ यह प्रक्रिया में जुट चुकी है। जैसे-जैसे जमीन अधिग्रहण होगा उस अनुसार काम आगे बढ़ेगा।
6 माह विलंब से पटना-भोजपुर-सासाराम सड़क निर्माण शुरू हुआ
पटना-भोजपुर-सासाराम सड़क परियोजना छह महीने लंबित हो गया। गल्फर एजेंसी को उसके देश ओमान से काम की मंजूरी मिलने में दिक्कतें आ गई। जिसके कारण एग्रीमेंट की प्रक्रिया छह महीने लेट हो गई। एजेंसी चयन के समय एग्रीमेंट हो चुका रहता तो अबतक काम शुरू हो जाता। एनएचएआई का लक्ष्य था कि 2028 तक इस परियोजना को पूरी कर ली जाए जिसमें अब छह महीने की देरी हो गई। जिससे यह परियोजना 2029 तक पूरी हो पाएगी।
दो चरणों में होगा निर्माण,आने-जाने का नया विकल्प मिलेगा
यह परियोजना दो चरण में पूरी होगी। पहले चरण में पटना से भोजपुर तक 46 किमी लंबे एनएच का निर्माण होगा। दूसरे भाग में आरा से सासाराम तक 74 किलोमीटर लंबी सड़क बनेगी। इससे पटना से सासाराम और शाहाबाद के अन्य इलाके तक आना-जाना आसान हो जाएगा। अरवल जिले जाने में इसका इस्तेमाल होगा। जीटी रोड से कनेक्टिविटी से पटना से बनारस या उससे आगे आने-जाने का नया विकल्प होगा।
यह सड़क पटना से भोजपुर के कई हिस्सों से गुजरती हुई सासाराम के सुअरा तक जाएगी। इससे पटना, भोजपुर, अरवल, रोहतास और सासाराम जिले के लोगों को फायदा होगा। एनएच-19, एनएच-319, एनएच-922, एनएच-131 जी और एनएच-120 से होकर गुजरेगी। यह परियोजना बिहार स्टेट हाइवे की एसएच-12, एचएच-102, एसएच-2 और एसएच-81 को जोड़ेगी।




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