बिहार के मॉडल स्कूल में टीचर बनने के लिए गुरुजी को लाने होंगे 100 अंक, इंटरव्यू भी होगा
इस चयन समिति में उप विकास आयुक्त (डीडीसी), जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा नामित महिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य और डीएम द्वारा मनोनीत केन्द्रीय विद्यालय (केवि), नवोदय विद्यालय या सैनिक स्कूल के प्राचार्य शामिल होंगे।

बिहार के मॉडल स्कूल में शिक्षक बनना आसान नहीं होगा। शिक्षा विभाग ने तय किया है कि इन विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए कुल 100 अंक लाने होंगे। यहीं नहीं शिक्षकों को साक्षात्कार से भी गुजरना होगा। जिले के मॉडल विद्यालयों में शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया अंक आधारित और कई स्तरों पर होगी। जिले भर से कुल 153 शिक्षकों का चयन किया जाएगा। सभी मापदंडों पर पूर्ण रूप से फिट बैठने वाले शिक्षकों का चयन होगा।
आवेदन करने वाले शिक्षकों का मूल्यांकन चार प्रमुख बिंदुओं शैक्षणिक योग्यता, शिक्षण अनुभव, पूर्व प्रदर्शन और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। साक्षात्कार की जिम्मेदारी पांच सदस्यीय समिति को दी गई है। इस चयन समिति में उप विकास आयुक्त (डीडीसी), जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा नामित महिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य और डीएम द्वारा मनोनीत केन्द्रीय विद्यालय (केवि), नवोदय विद्यालय या सैनिक स्कूल के प्राचार्य शामिल होंगे। डीडीसी चयन समिति के अध्यक्ष होंगे। वहीं डीईओ सदस्य सचिव होंगे। बाकी तीन चयन समिति के सदस्य होंगे।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि युवा और ऊर्जावान शिक्षक इस अवसर का लाभ उठा सकें, 31 मार्च 2026 तक आवेदक की अधिकतम आयु 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके कटऑफ उम्र के तौर पर मानक बनाया गया है।
शिक्षण अनुभव पर 30 और साक्षात्कार पर 20 अंक
शिक्षा विभाग की ओर से पटना समेत राज्य भर के मॉडल विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए 4 भागों में अंक का विभाजन किया गया है। इसमें शैक्षणिक योग्यता के अंतर्गत स्नातक, स्नातकोत्तर, बीएड-एमएड, एफफिल, पीएचडी और राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय पुरस्कारों को भी मापदंड में शामिल किया गया है। नौंवीं- 10वीं और 11वीं -12वीं में शिक्षक बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता पर कुल 40 अंक मिलेंगे। साक्षात्कार में आवेदकों के ज्ञान, समझ, उपयुक्तता, कौशल पर कुल 20 अंक मिलेंगे।
दस्तावेज करने होंगे जमा
आवेदकों को प्रत्येक दावे के लिए स्व अभिप्रमाणित दस्तावेज देने होंगे। सभी दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी (डीईओ, हेडमास्टर, बोर्ड और विवि) से प्रमाणित होना भी जरूरी है।




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