भाजपा के विधायक ही नीतीश सरकार पर बरसे, बिहार विधानसभा में बन गया गजब माहौल
बिहार विधानसभा में सोमवार को भाजपा के विधायक ही अपनी सरकार पर आक्रामक रवैया अपनाते हुए नजर आए। मैथिली ठाकुर और जीवेश मिश्रा ने नीतीश सरकार के मंत्रियों को घेरा। वहीं, मंत्री दिलीप जायसवाल के सदन में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से मांग करने पर विपक्ष ने चुटकी ले ली।

बिहार विधानसभा में बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान सोमवार को गजब माहौल बन गया। सत्ता पक्ष के विधायक अपनी ही सरकार पर आक्रामक नजर आए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक जिवेश कुमार उर्फ जीवेश मिश्रा ने नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के गृह विभाग के अधिकारियों पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि वहां लारा-लप्पा का खेल चल रहा है। वहीं, अलीनगर से भाजपा की सबसे युवा MLA मैथिली ठाकुर ने अपनी ही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के जवाब पर ही सवाल उठा दिया।
जाले सीट से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री जीवेश कुमार मिश्रा ने विधानसभा में सोमवार को गृह विभाग से जुड़े सवाल पर अफसरों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना के भवन के निर्माण समेत कई निर्माण कार्यों के लिए कई साल से सिर्फ कागजी कार्यवाही हो रही है। मगर, जमीन पर कुछ नहीं दिख रहा। हालांकि गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे पर उन्हें कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
दूसरी ओर, अलीनगर से भाजपा विधायक एवं लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने प्रश्नकाल के दौरान सदन में अपने क्षेत्र के एक अस्पताल के जर्जर भवन का मुद्दा उठाया। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का इस पर लिखित जवाब आया तो मैथिली ने उस पर सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा, "मैं मंत्रीजी के जवाब से कतई संतुष्ट नहीं हूं। उनके उत्तर में भवन को जर्जर नहीं बल्कि मरम्मत की जरूरत बताई गई है। मंत्री फिर से जांच करा सकते हैं। अस्पताल का भवन जर्जर है, जहां करीब 7 पंचायतों की 50 हजार आबादी का इलाज किया जाता है।"
मैथिली ने स्वास्थ्य मंत्री की बीच में तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि वह मंगल पांडेय को बचपन से काम करते हुए देख रही हैं। उनसे बहुत उम्मीद है। मैथिली ने कहा कि अस्पताल में पहले दो एमबीबीएस डॉक्टर थे, अब यह सिर्फ एक आयुष चिकित्सक के भरोसे चल रहा है। उन्होंने क्षेत्र में एमबीबीएस डॉक्टर की बहाली की भी मांग की।
मंत्री की मंत्री से मांग पर विपक्ष की चुटकी
वहीं, सदन में एक और ऐसा ही वाकया भी चर्चा का विषय बना रहा। उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने डिप्टी सीएम सह राजस्व मंत्री विजय सिन्हा के सामने विधानसभा के अंदर मांग रख दी। जायसवाल ने कहा कि कई नदियों की धारा बदलने के बाद जमीनों की प्रकृति बदल गई है। नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर जमीन निकली है। मगर उसका कोई नियम-कानून नहीं होने की वजह से उसका हस्तांतरण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अपनी ही सरकार से इसके नियमों में बदलाव कर उस जमीन को उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों के लिए उपयोगी बनाने की मांग रख दी।
इसके बाद विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र बीच में खड़े हो गए और चुटकी लेने लगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा के इतिहास में पहली बार एक मंत्री को दूसरे मंत्री से मांग करते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि विधायक ऐसा करते हैं तो अलग बात है। लेकिन मंत्री द्वारा ऐसा व्यवहार सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। इस पर दिलीप जायसवाल और भाई वीरेंद्र के बीच नोकझोंक होने लगी। फिर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मामले को शांत कराया।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)




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