शराब मिलल है, तबही न लोग हिलल है; भाजपा विधायक बोले- बारात में जमकर चल रही दारू
बिहार में शराबबंदी पर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के लोग भी अब हर जगह शराब मिलने का दावा करते हुए शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग कर रहे हैं। भाजपा विधायक विनय बिहारी ने एक बार फिर अपनी ही सरकार पर हमला बोला है।

बिहार में शराबबंदी पर अब विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के नेता भी नीतीश सरकार को घेरने में जुट गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक विनय बिहारी ने एक बार फिर दावा किया है कि शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद राज्य में हर जगह दारू उपलब्ध है। उन्होंने यह तक कहा कि शराब मिलल है, तभी तो लोग हिलल है, यानी शराब मिल रही है, तभी तो लोग हिल रहे हैं। इससे पहले, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक माधव आनंद ने भी शराबबंदी पर सवाल उठाए थे।
पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया से विधायक विनय बिहारी ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में शराबबंदी सख्ती से लागू होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से राज्य में अवैध रूप से शराब आती है और बिकती भी है।
उन्होंने अपनी ही सरकार से मांग की है कि शराबबंदी लागू है, तो इस पर सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि, शराब की बिक्री नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि हम लोग जब शादी-बारात में जाते हैं, तो बड़ी संख्या में लोग शराब पिए हुए मिलते हैं। बारात में 500 में से 100 लोग शराब के नशे में रहते हैं। शराब मिल रही है, तभी तो लोग पी रहे हैं। भाजपा विधायक बिहारी इससे पहले भी शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग कर चुके हैं।
जदयू और राजद के एमएलसी के बीच शराब पर नोंकझोंक
बिहार विधान परिषद के अंदर भी गुरुवार को शराबबंदी पर जमकर बहस हुई। जदयू के एमएली नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि विपक्ष इसलिए शराबबंदी की मुखालफत करता है क्योंकि उसने शराब कंपनियों से लोकसभा चुनाव में चंदा लिया था। इस पर राजद के एमएलसी सुनील सिंह ने जदयू के एक दिवंगत नेता का नाम लेकर आरोप लगाया कि पार्टी ने उनसे हर महीने 99 लाख रुपये लिए थे।
नीरज ने इसका सबूत दिखाने की मांग कर दी। साथ ही कहा कि जो लोग शराबबंदी पर सवाल उठा रहे हैं वे बताएं कि किस आधार पर कानून की समीक्षा करनी है। राजद के सौरभ कुमार ने कहा कि शराबबंदी के कारण राज्य की जेलों में क्षमता से दोगुने कैदी बंद हैं।
सरकार बोली- शशराबबंदी की जिम्मेदारी हम सभी की
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने सदन में कहा कि शराब पीना अपराध है और इसे रोकने के लिए सरकार ने कानून बनाया है। अगर शराब की बिक्री हो रही है तो पक्ष और विपक्ष, दोनों की जिम्मेदारी है कि इसे रोकें। लेकिन आजकल प्रचलन हो गया कि मौत होने पर दल विशेष के लोग उसे शराब से जोड़ने में लग जाते हैं।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)




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