बेमौसम बारिश और आंधी से बिहार में हाहाकार, 24 घंटे में 19 लोगों की मौत; जगह-जगह बिजली गुल
बिहार में शुक्रवार को आई आंधी और बेमौसम बारिश होने से हाहाकार जैसी स्थिति रही। विभिन्न जिलों में खराब मौसम की वजह से 19 लोगों की जान चली गई। तेज हवाओं से पेड़ और पोल गिरने से लगभग एक तिहाई बिहार में बिजली व्यवस्था चरमरा गई।

Bihar Weather: बिहार में बेमौसम बारिश और आंधी ने तीसरे दिन भी कहर बरपाया। गुरुवार की देर रात और शुक्रवार की दोपहर तक अलग-अलग जिलों में आंधी-बारिश से हाहाकार मच गया। 24 घंटे में 19 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 16 लोगों की मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आने हुई, जबकि आंधी के कारण दीवार गिरने एवं अन्य हादसे में तीन की जान चली गई। आम-लीची और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जगह-जगह पेड़ गिरने और पोल-तार धराशायी होने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। लगभग एक तिहाई बिहार में बिजली गुल हो गई।
बीते 24 घंटे के भीतर लगभग 13 जिलों में झमाझम बारिश हुई। इस दौरान हवा की रफ्तार 70 से 74 किमी प्रतिघंटे तक रही। जबकि पटना में सर्वाधिक हवा की रफ्तार 107 किमी प्रति घंटे की रही। सर्वाधिक बारिश पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में 116 मिमी दर्ज की गई। पटना में 13 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा और कृषि विभाग को आंधी-बारिश से नुकसान के आकलन का निर्देश दिया है।
पटना में ठनका से 4 की मौत
आकाशीय बिजली गिरने से पटना जिले में 4 लोगों की मौत हो गई। नवादा में वज्रपात से दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं, कादिरगंज के पचंबा और नारदीगंज के ओड़ो में पांच लोग झुलस गए। इनमें तीन लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं। गया जिले में भी ठनका से तीन लोगों की मौत हो गई।
शिक्षक की भी गई जान
औरंगाबाद जिले में शुक्रवार की सुबह वज्रपात की चपेट में आने से शिक्षक सहित दो लोगों की मौत हो गई। छपरा आकाशीय बिजली की चपेट में आने से किसान समेत दो लोगों की जान चली गई। पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर की पश्चिमी सिसवा पंचायत में ठनका गिरने से घबराकर लीची के पेड़ से गिरकर 12 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के चौरी गांव में फूस की एक झोपड़ी में ठनका गिरने से आग लग गयी। इसमें दंपती समेत एक ही परिवार के पांच लोग झुलस गए। इनकी हालत गंभीर है।
खगड़िया और भागलपुर में एक-एक की वज्रपात में जान गई। वहीं, सासाराम के परसथुआ में आंधी-तूफान के बीच नव निर्मित दीवार गिरने से उसमें दबकर एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गयी। वहीं पूर्वी सिसवा पंचायत में आंधी के कारण पुराने बरगद के पेड़ की मोटी डाल गिरने से 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।
एक तिहाई बिहार में बिजली गुल
राज्य भर में शुक्रवार को हुई तेज आंधी और बारिश से कई बिजली आपूर्ति बाधित हुई। राज्य में एक तिहाई हिस्सों में घंटों अंधेरे में रहने के लिए लोग मजबूर हुए। सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 20 फीसदी बिजली कम आपूर्ति हुई। गांवों से लेकर शहर तक में बिजली की आंख-मिचौनी जारी रही। तेज बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण जमुई डिवीजन तहत 33 केवी सिमुलतला फीडर में ब्रेकडाउन हुआ है। भैरोगंज के पास पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है।
इन जगहों पर घंटों बाधित रही बिजली
सीवान, गोपालगंज, सारण, जहानाबाद, सासाराम, गया सहित विभिन्न जिलों में आंधी के कारण तार पर पेड़ गिरने के कारण बिजली बाधित हो गई। घंटों बिजली गुल रही। सीवान के दरौली और गुठनी प्रखंड में कई जगहों पर पेड़ टूटकर बिजली तारों पर गिर गए। जबकि कई स्थानों पर इंसुलेटर भी क्षतिग्रस्त हो गए। इसके चलते बिजली सप्लाई घंटों बाधित रही।
गोपालगंज के कटेया में करीब आठ घंटे तक बिजली नदारद रही। छपरा के जलालपुर के विशुनपुर में 11 हजार वोल्ट का तार टूट कर गिर गया। राजगीर में आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के पोल टूट गए। इसके कारण दोपहर दो बजे तक शहर में ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही।
बक्सर के डुमरांव में तार पर पेड़ की टहनी गिरने और इंसुलेटर के ब्रस्ट करने के कारण कई फीडर से सप्लाई लगभग पांच घंटों तक ठप रही। जहानाबाद के करपी में बिजली का तार गिर पड़ा, जिससे करपी एवं आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। करीब पांच घंटे तक बिजली गुल रहने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कैमूर में 33 केवी एवं 11 केवी विद्युत के कई फीडरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सासाराम में जिलेभर में डेढ़ सौ से अधिक बिजली के खंभे टूट गए। औरंगाबाद के ग्रामीण इलाके में जगह-जगह विद्युत आपूर्ति बाधित हुई।




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