bihar traffic police overhaul constables above 35 to be removed women to get 33 percent posts बिहार ट्रैफिक पुलिस में हुआ बड़ा बदलाव, थानों में 35+ उम्र के सिपाही हटेंगे; 33% महिलाओं को मिलेगी कमान, Bihar Hindi News - Hindustan
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बिहार ट्रैफिक पुलिस में हुआ बड़ा बदलाव, थानों में 35+ उम्र के सिपाही हटेंगे; 33% महिलाओं को मिलेगी कमान

Bihar Smart Traffic Rules: बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्मार्ट ट्रैफिक के तहत थानों में 35 वर्ष से कम उम्र के सिपाही और 33% महिला बल की तैनाती के साथ कड़े उम्र मानक तय किए हैं।

Mon, 8 June 2026 08:09 AMJayendra Pandey हिन्दुस्तान, सुमित, पटना
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बिहार ट्रैफिक पुलिस में हुआ बड़ा बदलाव, थानों में 35+ उम्र के सिपाही हटेंगे; 33% महिलाओं को मिलेगी कमान

Bihar Smart Traffic Rules: बिहार में लगातार बढ़ती जाम की समस्या से निपटने और सड़कों पर यातायात प्रबंधन को पूरी तरह हाई-टेक बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब सूबे के ट्रैफिक थानों में 35 वर्ष से अधिक उम्र के सिपाहियों की तैनाती नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, हर जिले के ट्रैफिक बल में कम से कम 33 प्रतिशत सीटें महिला पुलिसकर्मियों के लिए अनिवार्य रूप से आरक्षित रहेंगी। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में इस 'स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था' का कड़ा मानक तय करते हुए सभी एसपी को इसे सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर मुस्तैद और तकनीकी रूप से सक्षम जवानों को उतारना है।

दारोगा से लेकर इंस्पेक्टर तक के लिए तय हुई अधिकतम उम्र

यातायात प्रबंधन के बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने ट्रैफिक थानों में तैनात सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक का कार्यकाल न्यूनतम 3 वर्षों का तय किया है। हालांकि, किसी भी हाल में एक जिले में इनका कार्यकाल 3 साल से ज्यादा नहीं बढ़ाया जाएगा। थानों में चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर पद के लिए अधिकतम उम्र सीमा भी तय कर दी गई है। अब तैनाती के दौरान यह ध्यान रखा जाएगा कि दारोगा की उम्र 40 वर्ष, इंस्पेक्टर की 50 वर्ष तथा एएसआई और हवलदार की उम्र 55 वर्ष से अधिक न हो। थानों के लिए योग्य पुलिसकर्मियों का चयन हर साल एक विशेष स्क्रीनिंग कमेटी के जरिए होगा, जो शारीरिक फिटनेस, स्वच्छ आचरण और ट्रैफिक नियमों के ज्ञान को परखकर उम्मीदवारों का चयन करेगी।

कंप्यूटर टाइपिंग जानने वालों को मिलेगी प्राथमिकता

डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग और ऑनलाइन चालान जैसी ऑटोमेटेड प्रणालियों को बेहतर ढंग से चलाने के लिए इस बार चयन में उन पुलिसकर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें अंग्रेजी और हिन्दी कंप्यूटर टाइपिंग का अच्छा ज्ञान होगा। इसके साथ ही, चयनित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को एक विशेष ट्रेनिंग से गुजरना होगा और इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद ही उन्हें ट्रैफिक थानों में पोस्टिंग दी जाएगी। आपको बता दें कि इस बड़े बदलाव के पीछे सरकार का मकसद तकनीकी उपकरणों (जैसे ई-डिटेक्शन पोर्टल, आई-राड और ई-डार) का बेहतर उपयोग करना है। नवंबर 2023 से ही मैनुअल चालान पूरी तरह बंद कर हैंडहेल्ड डिवाइस से जुर्माना वसूला जा रहा है, और अब इस नई व्यवस्था से सड़कों पर महिला यात्रियों की सुरक्षा और कम्युनिटी पुलिसिंग को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

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