एशियाई शेरों का गढ़ बनेगा बिहार का यह मशहूर पर्यटन स्थल, शेर प्रजनन केंद्र बनाने का प्लान
तीन साल पहले यहाँ मात्र 5 शेर थे। सफल प्रजनन और 100% शावक उत्तरजीविता दर के कारण यह संख्या बढ़कर 10 हो गई थी। अब 2 शावकों को भेजने और 1 शेरनी के आने के बाद वर्तमान में यहाँ कुल 9 शेर (2 नर और 7 मादा) हो गए हैं।

बिहार का मशहूर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर अब केवल अपने इतिहास और गर्म कुंडों के लिए ही नहीं, बल्कि एशियाई शेरों के प्रमुख गढ़ के रूप में भी पहचानी जाएगी। राजगीर जू सफारी को देश के एक प्रमुख शेर प्रजनन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान से सात वर्षीय मादा शेरनी पार्वती को राजगीर लाया गया है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की मंजूरी के बाद यह अदला-बदली संपन्न हुई। इसके तहत राजगीर ने अपने यहाँ जन्मे 13 माह के दो स्वस्थ मादा शावकों को पटना जू भेजा है, जबकि बदले में पार्वती को यहाँ लाया गया है।
कुनबा बढ़ाने में मिलेगी मदद
राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुंदर एम ने बताया कि इस एक्सचेंज का मुख्य उद्देश्य आनुवंशिक विविधता को बढ़ाना और प्रजनन संतुलन कायम रखना है। एक ही ब्लडलाइन में प्रजनन से बचने और स्वस्थ शावकों के जन्म के लिए यह बेहद जरूरी था। तीन साल पहले यहाँ मात्र 5 शेर थे। सफल प्रजनन और 100% शावक उत्तरजीविता दर के कारण यह संख्या बढ़कर 10 हो गई थी। अब 2 शावकों को भेजने और 1 शेरनी के आने के बाद वर्तमान में यहाँ कुल 9 शेर (2 नर और 7 मादा) हो गए हैं।
शेरों की बादशाहत:राजगीर जू सफारी को देश के चौथे शेर प्रजनन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ शेरों के लिए 20.54 हेक्टेयर का विशाल और प्राकृतिक वनाच्छादित क्षेत्र आरक्षित है। खुले और विस्तृत क्षेत्र में शेरों को स्वच्छंद विचरण और प्राकृतिक व्यवहार करने का पूरा मौका मिलता है, जिससे उनकी प्रजनन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
क्वारंटाइन में है नयी मेहमान
पटना से आई पार्वती को फिलहाल सफारी के अत्याधुनिक क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है। यहाँ पशु चिकित्सकों की टीम अगले एक महीने तक उसके स्वास्थ्य और व्यवहार की निगरानी करेगी। राजगीर के वातावरण में पूरी तरह ढल जाने और मेडिकल फिटनेस मिलने के बाद ही उसे सफारी के मुख्य बाड़े में छोड़ा जाएगा। वहीं, राजगीर से पटना भेजी गई दोनों शेरनियों को भी वहां क्वारंटाइन में रखा गया है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगी रफ़्तार
नयी शेरनी के आगमन और प्रजनन केंद्र के विस्तार से राजगीर के पर्यटन उद्योग को बूस्टर डोज़ मिलने की उम्मीद है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि सफारी में वन्यजीवों की बढ़ती संख्या पर्यटकों को और अधिक आकर्षित करेगी। इससे होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय रोजगार को बड़ा लाभ मिलेगा। राजगीर अब धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के साथ-साथ वाइल्डलाइफ टूरिज्म का भी संगम बन रहा है।




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