बिहार में बंपर बहाली, 44 हजार एएनएम की नियुक्ति; शिक्षा विभाग में नौकरियां
Bihar Jobs: स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में 7468 एनएम की नियुक्ति की जा चुकी हैं। अभी विभिन्न संवर्ग के तहत 39 हजार 95 नियमित और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5226 रिक्ति अर्थात कुल 44 हजार 321 पदों पर नियुक्ति प्रक्रियाधीन है।

Bihar Jobs: बिहार में स्वास्थ्य विभाग में अगले एक वर्ष के अंदर 44 हजार 321 एएनएम की नियुक्ति की जाएगी। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5006 एएनएम की बहाली भी शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को विप में स्वास्थ्य विभाग के बजट पर वाद-विवाद के बाद सरकार की तरफ से जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 7468 एनएम की नियुक्ति की जा चुकी हैं। अभी विभिन्न संवर्ग के तहत 39 हजार 95 नियमित और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5226 रिक्ति अर्थात कुल 44 हजार 321 पदों पर नियुक्ति प्रक्रियाधीन है।
यह अगले एक वर्ष में पूरी कर ली जाएगी। विप में स्वास्थ्य विभाग का 21 हजार 270 करोड़ 41 लाख का बजट स्वीकृत हुआ। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर रोक के लिए नीति बनायी जा रही है। निजी प्रतिष्ठित संस्थानों को अस्पताल स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन नीति बन रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। शिशु मृत्यु दर घटकर प्रति एक लाख पर 23 हो गई है जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। मातृ मृत्यु दर भी 334से घटकर 104 रह गई है। प्रजनन दर 4.2 से घटकर 2.8 हो गई है। संस्थागत प्रसव की दर बढ़कर 76.2 फीसदी हो गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 16 माह में मुफ्त दवा देने में बिहार नंबर एक पर बना हुआ है। राज्य में कालाजार, यक्ष्मा, चमकी बुखार उन्मूलन पर काम हुआ है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए बच्चियों को वैक्सीन दी जा रही है।
हर 10 पंचायत पर सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी बहाल होंगे
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा है कि स्कूलों की निगरानी और शिक्षा के विकास व सरकारी योजनाओं का विद्यालय स्तर तक प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्य में हरेक 10 पंचायत पर एक सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी बहाल किए जाएंगे। इसके लिए 935 पदों का सृजन किया गया है। मंगलवार को विधानसभा में गायत्री देवी के तारांकित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन पदों पर बहाली के लिए बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन प्रकाशित कर अग्रेत्तर कार्रवाई हो रही है।
वहीं मिथिलेश तिवारी के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 45 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली है। इसके बाद विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। तब कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से परिचारी या लिपिकों की बहाली होगी। वैसे अनुकंपा के आधार पर इन पदों पर पांच हजार से अधिक बहाली हुई है। समीक्षा के बाद और बहाल किए जाएंगे। विशेष शिक्षकों की वरीयता उनकी सेवा शुरू होने के दिन से ही तय होगी।
अजय कुमार के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि विशिष्ट शिक्षकों को राज्य के सरकारी कर्मियों की तरह ही सभी सुविधाएं दी जा रही है। 90 फीसदी विशिष्ट शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर कर लिया गया है। राहुल कुमार के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि वित्त विभाग से परामर्श के बाद ही शिक्षकों को वेतन निर्धारित किया जाता है। डीबीटी से बकाया मिलने के कारण भ्रष्टाचार की बात बेमानी है।
गुणवत्तापूर्ण भोजन प्राथमिकता
इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि एक करोड़ से अधिक बच्चे हैं। रसोइया से मध्याह्न भोजन बनाना मुश्किल है। इसलिए एनजीओ की सहायता से बच्चों को भोजन दिया जा रहा है। लेकिन, एनजीओ की थर्ड पार्टी जांच कराई जाती है। गड़बड़ी मिलने पर उनकी सेवा समाप्त की जाती है। गुणवत्तापूर्ण भोजन देना सरकार की प्राथमिकता है। जितेन्द्र कुमार के तारांकित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि नालंदा में बेंच-डेस्क की गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी। अपर मुख्य सचिव खुद इसकी तहकीकात करेंगे। जांच में डीईओ के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया है।




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